गिरफ्तार नहीं होंगे खान सर :फायरिंग केस में पटना जिला कोर्ट से मिली राहत, जानें कैसे टली गिरफ्तारी

पटना। पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे चर्चित शिक्षक फैसल खान उर्फ खान सर को फिलहाल राहत मिल गई है। पटना जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।
कोर्ट के इस फैसले के बाद जहां खान सर को तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिली है, वहीं पुलिस की जांच जारी रहेगी। दूसरी तरफ इस पूरे मामले ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आखिर पुलिस खान सर तक क्यों नहीं पहुंच सकी? क्या जांच में शुरुआती स्तर पर बड़ी चूक हुई? और क्या छात्रों की भीड़ खान सर की सुरक्षा कवच बन गई?
क्या है पूरा मामला?
2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर पर हमला हुआ। आरोप है कि करीब 15 से 20 लोग संस्थान पहुंचे और पथराव व तोड़फोड़ की। घटना के तुरंत बाद खान सर ने दावा किया कि उनके संस्थान पर 8 से 10 राउंड फायरिंग भी हुई है। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान ज्ञान बिंदु से जुड़े लोगों पर हमला कराने का आरोप लगाया। हालांकि, अगले ही दिन पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर फायरिंग की बात से इनकार कर दिया और केवल पथराव एवं मारपीट की पुष्टि की। यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ लेना शुरू किया।
पुलिस की तीन बड़ी चूक, जिसने बदल दिया केस का रुख
1. शुरुआती दावों की पूरी जांच नहीं हुई
घटना के कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि मौके पर फायरिंग नहीं हुई है। पुलिस ने पथराव और मारपीट की पुष्टि की और जल्दबाजी में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन बाद में सामने आए वीडियो ने पूरी कहानी बदल दी।
2. वीडियो आने तक सबूत गायब हो चुके थे
4 जून को ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से एक वीडियो जारी किया गया। वीडियो में खान सर के सुरक्षा गार्ड फायरिंग करते दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच का रुख बदला, लेकिन तब तक कथित तौर पर हथियार और गोली के खोखे मौके से हटाए जा चुके थे। पुलिस ने दो गार्डों को गिरफ्तार कर उनके हथियार जब्त किए और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए। हालांकि अन्य सुरक्षा कर्मी फरार बताए जा रहे हैं।
3. खान सर को मिला बचाव का समय
पुलिस ने खान सर के खिलाफ 4 जून को केस दर्ज किया। तब तक वह सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे थे, क्लास ले रहे थे और पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई दे रहे थे। उन्होंने फायरिंग को आत्मरक्षा बताया और अपने समर्थन में छात्रों को लामबंद किया। इससे पुलिस के लिए कार्रवाई करना और मुश्किल हो गया।
किस आधार पर आरोपी बनाए गए खान सर?
कदमकुआं थाने में दर्ज FIR में खान सर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों गार्डों ने पूछताछ में दावा किया कि उन्हें गोली चलाने के लिए कहा गया था। इन्हीं बयानों के आधार पर पुलिस ने फैसल खान को मामले में मुख्य आरोपी बनाया। हालांकि, खान सर और उनके वकील इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं।
छात्र बने सबसे बड़ी ढाल?
जानकारी के मुताबिक, पुलिस कई बार पूछताछ और गिरफ्तारी की कार्रवाई के लिए खान सर के संस्थान पहुंची, लेकिन हर बार बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक वहां जुट गए। पुलिस को आशंका थी कि यदि कार्रवाई की गई तो कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। इसी वजह से पुलिस बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ रही थी। पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि, बिना मजबूत सबूतों के जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाया जाएगा ताकि अदालत में केस कमजोर न पड़े।
2022 में भी अपनाई थी यही रणनीति?
यह पहला मौका नहीं है जब खान सर का नाम किसी विवाद में सामने आया हो। जनवरी 2022 में रेलवे भर्ती परीक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान भी खान सर समेत कई कोचिंग शिक्षकों पर छात्रों को उकसाने का आरोप लगा था। उस समय भी उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई थी, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। प्रशासन को डर था कि कार्रवाई से छात्र आंदोलन और उग्र हो सकता है। बाद में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण मामला ठंडा पड़ गया।
कोर्ट में क्या हुआ?
फैसल खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने अदालत को बताया कि,
- खान सर ने कोई आपराधिक कृत्य नहीं किया।
- फायरिंग आत्मरक्षा में हुई थी।
- उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है।
- दूसरी ओर पुलिस ने अदालत के सामने FIR और जांच से जुड़ी जानकारी रखी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने अंतरिम संरक्षण देते हुए फिलहाल किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। इसका मतलब है कि, अगली सुनवाई तक खान सर की गिरफ्तारी नहीं होगी।
अब पुलिस की नई रणनीति क्या है?
पुलिस फिलहाल गिरफ्तारी की बजाय सबूत मजबूत करने पर फोकस कर रही है। जांच एजेंसियां इन बिंदुओं पर काम कर रही हैं-
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जांच का मुद्दा |
वर्तमान स्थिति |
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गार्डों के हथियार |
FSL जांच जारी |
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हथियारों की वैधता |
सत्यापन चल रहा |
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वायरल वीडियो |
तकनीकी जांच जारी |
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गार्डों के बयान |
केस डायरी में शामिल |
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CCTV फुटेज |
विश्लेषण जारी |
जानकारी के मुताबिक, अगर हथियार अवैध पाए जाते हैं या फॉरेंसिक रिपोर्ट में फायरिंग की पुष्टि होती है तो पुलिस के पास कार्रवाई के लिए अधिक मजबूत आधार होगा।
विवाद की पूरी टाइमलाइन
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तारीख |
घटनाक्रम |
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2 जून |
खान ग्लोबल स्टडीज पर हमला, पथराव और फायरिंग का दावा |
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3 जून |
पुलिस ने फायरिंग से इनकार किया, रौशन आनंद गिरफ्तार |
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4 जून |
फायरिंग का वीडियो सामने आया, दो गार्ड गिरफ्तार |
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5 जून |
खान सर ने सेल्फ डिफेंस की दलील दी |
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6 जून |
अग्रिम जमानत याचिका दाखिल |
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8 जून |
याचिका रजिस्टर्ड हुई |
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9 जून |
कोर्ट ने गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई |











