युद्ध के बाद बदलेगा ईरान!महंगाई से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक, संसद से बोले खामेनेई- अब अर्थव्यवस्था संभालने का समय

तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने संसद को संबोधित करते हुए देश की मौजूदा स्थिति पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध और आर्थिक दबाव के बाद अब ईरान को विकास और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ना होगा। संसद के मौजूदा कार्यकाल के तीसरे वर्ष के मौके पर दिए गए संदेश में उन्होंने नेताओं और सांसदों से जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने की अपील की। खामेनेई ने साफ कहा कि देश के सामने मौजूद चुनौतियों से निकलने के लिए आर्थिक सुधार, राष्ट्रीय एकता और मजबूत प्रशासन सबसे ज्यादा जरूरी हैं।
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस
अयातुल्ला खामेनेई ने अपने संबोधन में कहा कि इस समय देश की सबसे बड़ी जरूरत आर्थिक मजबूती है। उन्होंने संसद से कहा कि महंगाई को नियंत्रित करने, बाजार में नकदी संतुलन बनाए रखने और उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उनका कहना था कि युद्ध के कारण जिन क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है, उनके पुनर्निर्माण के लिए नई योजनाएं तैयार करनी होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि सातवीं विकास योजना में बदलाव कर ऐसे प्रावधान जोड़े जाएं जिससे देश की आर्थिक स्थिति तेजी से सुधर सके। खामेनेई के अनुसार, आने वाले समय में सरकार और संसद को मिलकर ऐसा रोडमैप तैयार करना होगा जो देश को स्थिरता और विकास की दिशा में ले जाए।
रोजगार और विकास को बताया जरूरी
ईरान के सर्वोच्च नेता ने युवाओं के लिए रोजगार बढ़ाने को भी सबसे अहम मुद्दों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि उद्योग, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में तेजी लाकर देश को मजबूत बनाया जा सकता है। उनके मुताबिक, अगर उत्पादन बढ़ेगा तो अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी और लोगों की परेशानियां कम होंगी। उन्होंने भ्रष्टाचार और बढ़ती महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा कि इन दोनों समस्याओं पर सख्ती से काम करने की जरूरत है। खामेनेई ने कहा कि गरीबी और आर्थिक अभाव खत्म करने के लिए सभी संस्थाओं को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
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राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील
अपने संदेश में खामेनेई ने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि ईरान की आजादी और सम्मान को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय एकता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से कहा कि मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन इन मतभेदों को विवाद और टकराव में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को भाईचारे और एकता का संदेश देना चाहिए ताकि ईरान किसी भी बाहरी दबाव का मजबूती से सामना कर सके।
दुश्मन देशों पर लगाए गंभीर आरोप
खामेनेई ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ विरोधी देश ईरान के भीतर अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, युद्ध और आर्थिक दबाव में असफल होने के बाद अब दुश्मन ताकतें समाज में विभाजन फैलाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी देश सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों का इस्तेमाल कर ईरान को अंदर से कमजोर करना चाहते हैं। खामेनेई ने कहा कि देश को ऐसे प्रयासों से सतर्क रहने की जरूरत है।
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कुवैत की ओर मिसाइल दागने का दावा
इस बीच अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने दावा किया है कि ईरान ने 27 मई की रात कुवैत की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, कुवैत की सेना ने इस मिसाइल को रास्ते में ही रोक दिया। सेंटकॉम का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी बलों की तरफ से कई ड्रोन भी भेजे गए थे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने मार गिराया। इसके अलावा बंदर अब्बास से एक और ड्रोन लॉन्च करने की कोशिश को भी रोकने का दावा किया गया है।











