Ken-Betwa Protest:16 दिन बाद खत्म हुआ नदी का आंदोलन, तड़के पहुंची पुलिस, अमित भटनागर हिरासत में

छतरपुर। केन-बेतवा परियोजना और पुनर्वास से जुड़ी मांगों को लेकर बराना नदी में पिछले 16 दिनों से जारी आंदोलन रविवार सुबह प्रशासन की कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया। तड़के भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और धरना स्थल को खाली कराया गया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर और उनके कुछ साथियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि भटनागर हत्या के प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा सहित कई मामलों में फरार चल रहे थे। कार्रवाई के बाद उन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल भी ले जाया गया। पूरे इलाके में फिलहाल पुलिस बल तैनात है।
16 दिन से चल रहा आंदोलन
छतरपुर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र स्थित बराना नदी के तट पर पिछले 16 दिनों से केन-बेतवा परियोजना और पुनर्वास की मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा था। प्रदर्शनकारी नदी के बीच सांकेतिक चिता आंदोलन कर रहे थे और सरकार से अपनी मांगें पूरी करने की अपील कर रहे थे। रविवार सुबह प्रशासन ने अचानक कार्रवाई करते हुए पूरे धरना स्थल को खाली करा दिया। बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के कारण पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
लोगों को लिया गया हिरासत में लिया गया
कार्रवाई के दौरान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर और उनके कुछ साथियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अमित भटनागर हत्या के प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा और अन्य मामलों में पहले से फरार चल रहे थे। हिरासत में लेने के बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस का कहना है कि आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी।
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प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का दिया हवाला
जिला प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई। अधिकारियों के अनुसार धरना स्थल पर मौजूद कई लोग पन्ना जिले की रुनझ और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित हैं। प्रशासन ने उन्हें पन्ना लौटकर वहां के जिला प्रशासन के माध्यम से पुनर्वास का लाभ लेने की सलाह दी है। प्रशासन का यह भी कहना है कि राज्य सरकार पुनर्वास के लिए अतिरिक्त राशि मंजूर कर चुकी है और पात्र परिवारों को पहले से अधिक आर्थिक सहायता दी जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने वादे पूरे नहीं होने का लगाया आरोप
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन ने पहले जो आश्वासन दिए थे, उन्हें अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया। उनका आरोप है कि कई विस्थापित परिवार अपनी जमीन, रोजगार और दूसरे संसाधनों से वंचित हो चुके हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं होती और सभी प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनकी चिंता खत्म नहीं होगी। उनका यह भी आरोप है कि कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की गई।
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अधिकारियों ने बातचीत और सहयोग का दावा किया
प्रशासन का कहना है कि धरना स्थल पर लगातार पेयजल, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई बार बातचीत भी की और उनकी मांगों को सुना। प्रशासन ने यह भी कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है तो उसकी जानकारी मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अफवाहों पर भरोसा नहीं करने और आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करने की अपील की गई।











