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पहाड़ गिरा, रास्ता बंद...!केदारनाथ रूट पर हुआ लैंडस्लाइड, 10 हजार श्रद्धालु फंसे, SDRF-NDRF ने किया रेस्क्यू

केदारनाथ यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग जिले के मुनकटिया क्षेत्र में अचानक भूस्खलन हो गया, जिससे सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। इस घटना के चलते करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। 
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केदारनाथ रूट पर हुआ लैंडस्लाइड, 10 हजार श्रद्धालु फंसे, SDRF-NDRF ने किया रेस्क्यू

उत्तराखंड की पवित्र केदारनाथ यात्रा इन दिनों पूरे जोश और आस्था के साथ चल रही है। देशभर से लाखों श्रद्धालु भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन इसी बीच रुद्रप्रयाग जिले में एक बड़ा हादसा सामने आया। मंगलवार रात केदारनाथ यात्रा मार्ग पर अचानक लैंडस्लाइड हो गया। इस घटना के कारण सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया इलाके में मुख्य सड़क पूरी तरह बंद हो गई। कई श्रद्धालु रास्ते में ही फंस गए, जिससे प्रशासन तुरंत हरकत में आया।

मुनकटिया क्षेत्र में कैसे बिगड़े हालात

जानकारी के मुताबिक, 19 मई 2026 की देर रात अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरा। यह घटना मुनकटिया क्षेत्र में हुई, जो केदारनाथ यात्रा का एक अहम हिस्सा है। सड़क बंद होने से हजारों श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए। अंधेरा, खराब मौसम और लगातार गिरते पत्थरों ने राहत कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया। हालात ऐसे थे कि वहां तुरंत मशीनें पहुंचाना भी आसान नहीं था।

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SDRF और NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की जानकारी मिलते ही SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें मौके पर पहुंचीं। रात को सूचना मिलते ही SDRF की टीम रवाना हुई। टीम ने आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत राहत कार्य शुरू किया। दोनों एजेंसियों ने मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया। 

10,000 से ज्यादा श्रद्धालु सुरक्षित निकाले

प्रशासन के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन में करीब 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चला। कई यात्रियों को पैदल ही सुरक्षित रास्ते से दूसरी तरफ ले जाया गया। कुछ जगहों पर रस्सियों और हाथों के सहारे लोगों को सुरक्षित पार कराया गया। रेस्क्यू टीमों की तेजी और समन्वय के कारण किसी बड़ी अनहोनी को टाल दिया गया। यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल माना जा रहा है।

प्रशासन की लगातार निगरानी और कंट्रोल रूम एक्टिव

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पूरे मामले पर लगातार नजर रखी। वे वीडियो कॉल और कंट्रोल रूम के जरिए हालात की मॉनिटरिंग करते रहे। उन्होंने राहत टीमों को साफ निर्देश दिए कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले हो, सड़क खोलने के काम में तेजी लाई जाए और किसी भी स्थिति में लापरवाही न हो। प्रशासन ने मौके पर भारी मशीनें भी भेजीं, ताकि मलबा हटाकर रास्ता जल्द खोला जा सके।

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यात्रा मार्ग फिर से बहाल

रातभर चले रेस्क्यू और सफाई अभियान के बाद सुबह तक हालात सामान्य होने लगे। आधे घंटे के भीतर पैदल मार्ग को फिर से खोल दिया गया और धीरे-धीरे यातायात भी बहाल कर दिया गया। अब केदारनाथ यात्रा फिर से सुचारु रूप से शुरू हो चुकी है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग और समय का पालन करें।

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अब तक 6.5 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

प्रशासन के अनुसार, अब तक करीब 6.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है और आने वाले दिनों में और ज्यादा भीड़ की उम्मीद है। यही कारण है कि प्रशासन हर स्थिति पर विशेष नजर बनाए हुए है।

श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील

प्रशासन ने सभी यात्रियों से कुछ जरूरी अपील की है कि मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, भीड़ में धैर्य बनाए रखें, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। अधिकारियों का कहना है कि सहयोग और अनुशासन से ही यह यात्रा सुरक्षित और सफल बनाई जा सकती है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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