जापान में फिर कांपी धरती!कागोशिमा में 5.9 तीव्रता का भूकंप, इमारतें हिलीं; सुनामी का खतरा नहीं

जापान के दक्षिणी हिस्से में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कागोशिमा क्षेत्र में जोरदार भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.9 मापी गई। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इलाकों में इमारतें हिलने लगीं और लोग डरकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान, मौत या गंभीर हादसे की कोई सूचना सामने नहीं आई है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने कहा कि, इस भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
ओकिनावा और आसपास के इलाकों में महसूस हुए झटके
जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप का केंद्र कागोशिमा प्रांत के अमामी क्षेत्र के आसपास बताया जा रहा है। इसके झटके ओकिनावा मेन आइलैंड समेत कई दक्षिणी इलाकों में महसूस किए गए। जापानी तीव्रता पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता अपर 5 दर्ज की गई, जिसे काफी मजबूत माना जाता है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप की गहराई करीब 49 किलोमीटर थी।
भूकंप के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। रेलवे नेटवर्क, बिजली व्यवस्था और अन्य सार्वजनिक सेवाओं की जांच शुरू कर दी गई है, ताकि किसी तकनीकी नुकसान की स्थिति का पता लगाया जा सके।
लोगों में दहशत, लेकिन बड़ा नुकसान नहीं
तेज झटकों के कारण कई इलाकों में लोगों को अचानक घरों और दफ्तरों से बाहर निकलना पड़ा। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इमारतों और घरों के सामान को हिलते हुए देखा गया। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी इमारत के गिरने या बड़े पैमाने पर नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि, वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी जानकारी पर भरोसा करें। इसके साथ ही दी है कि, आने वाले घंटों में आफ्टरशॉक यानी छोटे झटके महसूस किए जा सकते हैं।
पूर्वी चीन सागर और हिंद महासागर में भी भूकंप
बुधवार को सिर्फ जापान ही नहीं, बल्कि पूर्वी चीन सागर में भी जोरदार भूकंप दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.0 मापी गई। इसका असर जापान के दक्षिणी द्वीपों कागोशिमा और ओकिनावा के आसपास भी महसूस किया गया।
वहीं हिंद महासागर में भी सुबह करीब 7:30 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि इन दोनों घटनाओं में भी किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
कुछ दिन पहले भी कांपा था जापान
यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब चार दिन पहले ही जापान के मुख्य द्वीप होन्शू के पूर्वी तट पर भी तेज भूकंप आया था। उस दौरान तोहोकू क्षेत्र में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया था और कई ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई थीं। हालांकि, उस भूकंप में भी किसी बड़े नुकसान या सुनामी का खतरा नहीं बना था।
क्यों बार-बार आता है जापान में भूकंप?
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। इसकी सबसे बड़ी वजह देश की भौगोलिक स्थिति है। जापान प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती रहती हैं। इसी कारण यहां अक्सर छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं। कागोशिमा और ओकिनावा का इलाका भी भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
प्रशासन की लोगों से अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर लोगों को आधिकारिक अपडेट्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए। जापान में भूकंप के बाद तुरंत राहत और सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय कर दी जाती है, जिसके चलते बड़े हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
रिक्टर स्केल पर कितनी तीव्रता कितना असर डालती है?
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रिक्टर स्केल |
असर |
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0-1.9 |
केवल सीज्मोग्राफ में दर्ज |
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2-2.9 |
हल्के झटके महसूस |
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3-3.9 |
ट्रक गुजरने जैसा कंपन |
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4-4.9 |
खिड़कियां टूट सकती हैं |
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5-5.9 |
दीवारों में दरारें संभव |
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6-6.9 |
कच्चे मकान गिर सकते हैं |
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7-7.9 |
भारी तबाही, इमारतें गिर सकती हैं |
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8 से ज्यादा |
बड़े पुल और इमारतें तबाह, सुनामी का खतरा |











