कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी ने आर्थिक तनाव और धमकियों से परेशान होकर अपने पूरे परिवार के साथ जहर पी लिया। करोड़ों रुपए की रकम वापस न मिलने और लगातार मानसिक दबाव के चलते यह खौफनाक कदम उठाया गया। फिलहाल परिवार के चारों सदस्य जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
यह घटना कवर्धा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र की है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। कारोबारी योगेश जैन ने जहर पीने के बाद अपने बड़े भाई को फोन कर इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल चारों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, 42 वर्षीय योगेश जैन ने अपनी पत्नी सुमन जैन, 17 वर्षीय बेटे प्रिंस और 16 वर्षीय बेटी तारिका को जहर (कीटनाशक) दिया और फिर खुद भी पी लिया। घटना के बाद सभी बेहोश हो गए थे। समय रहते परिवार वालों को सूचना मिलने के कारण उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा सका, जहां उनका इलाज जारी है।
इस घटना के पीछे सबसे बड़ी वजह करोड़ों रुपए का लेनदेन बताया जा रहा है। पुलिस को मौके से 3 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें 4 से 5 करोड़ रुपए के लेनदेन का जिक्र किया गया है। नोट में लिखा है कि, एक व्यक्ति पर 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि बकाया थी, जिसे वापस मांगने पर वह लगातार टालमटोल कर रहा था।
[breaking type="Breaking"]
सुसाइड नोट के अनुसार, योगेश जैन ने साल 2020 से 2025 के बीच ‘चार ट्रेडर्स’ नाम से करीब 3 करोड़ 20 लाख रुपए उधार दिए थे। लेकिन यह रकम उन्हें वापस नहीं मिली। कई बार पैसे मांगने के बावजूद सामने वाला व्यक्ति रकम लौटाने से बचता रहा, जिससे कारोबारी लगातार मानसिक दबाव में आ गया।
परिजनों के मुताबिक, जब योगेश जैन ने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं। आरोप है कि, देनदार ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और जान से मारने तक की धमकी दी। यह भी बताया जा रहा है कि आरोपी ने कहा था कि, जो करना है कर लो, पैसे वापस नहीं करूंगा। यहां तक कि वाहन से कुचलने की धमकी भी दी गई थी। इस तरह की धमकियों ने कारोबारी को मानसिक रूप से तोड़ दिया।
घटना की रात योगेश जैन ने अपने बड़े भाई लक्ष्मीचंद जैन को फोन कर बताया कि, उसने पूरे परिवार के साथ जहर पी लिया है। यह सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और चारों को अस्पताल ले गए। भाई ने पुलिस को बताया कि, सुसाइड नोट में एक व्यक्ति का नाम भी लिखा गया है, जिससे करोड़ों रुपए लेना बाकी था।
[featured type="Featured"]
फिलहाल योगेश जैन, उनकी पत्नी और दोनों बच्चों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। चारों अचेत अवस्था में हैं, जिससे डॉक्टरों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है, लेकिन अभी तक किसी की हालत स्थिर नहीं बताई गई है।
इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चारों पीड़ित अभी अचेत हैं, इसलिए उनका बयान दर्ज नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि, जब तक पीड़ितों में से कोई एक भी बयान देने की स्थिति में नहीं आता, तब तक मामले की पूरी सच्चाई सामने आना मुश्किल है।
पुलिस को मौके से मिले 3 पन्नों के सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है। इसमें लिखी गई बातों और आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जा रही है। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।