लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचे अमेरिकी राजदूत, चरणों में सिर झुकाकर लिया आशीर्वाद

देशभर में गणेश चतुर्थी का उत्सव बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र से लेकर देश के अलग-अलग राज्यों तक घरों और गणेश पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की गई है। मुंबई में इस त्योहार का उत्साह देखते ही बन रहा है। शहर के प्रसिद्ध गणेश पंडालों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इसी बीच भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी मुंबई पहुंचे। उन्होंने प्रसिद्ध लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। दर्शन के दौरान उन्होंने गणपति के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
लालबागचा राजा के दरबार में दिखी खास श्रद्धा
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के लालबागचा राजा के दर्शन का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आई हैं। उन्होंने खुद भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस यात्रा की तस्वीरें साझा कीं। लालबागचा राजा के सामने पहुंचने के बाद गोर ने पूरे श्रद्धाभाव से भगवान गणेश की पूजा की। उन्होंने गणपति के चरणों में सिर झुकाया और आशीर्वाद लिया। उनका यह अंदाज वहां मौजूद लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा। राजदूत ने गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लालबागचा राजा के पंडाल में आना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने यहां के माहौल और लोगों की ऊर्जा की जमकर तारीफ की।
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बोले- 'यहां की ऊर्जा को शब्दों में बताना मुश्किल'
सर्जियो गोर ने लालबागचा राजा के दर्शन के बाद कहा कि उन्हें इस प्रसिद्ध गणपति पंडाल में आने का मौका मिलना बेहद अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि मुंबई के इस उत्सव में जिस तरह की जीवंतता और उत्साह दिखाई देता है, वह बहुत खास है। उन्होंने लोगों से भी लालबागचा राजा के दर्शन करने की अपील की। गोर के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति खुद यहां आकर इस माहौल को महसूस नहीं करता, तो सिर्फ सुनकर इसकी भव्यता और ऊर्जा को समझना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यहां आकर वह खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं और इस अनुभव को देखकर उन्हें काफी खुशी हुई।
सोशल मीडिया पर भी शेयर किया संदेश
लालबागचा राजा के दर्शन के बाद अमेरिकी राजदूत ने सोशल मीडिया पर गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि मुंबई के प्रसिद्ध गणपति पंडालों में जाना उनके लिए खुशी का अनुभव रहा। उन्होंने गणेशोत्सव को आस्था और समुदाय की एक ऐसी जीवंत तस्वीर बताया, जो अलग-अलग लोगों को एक साथ जोड़ती है। उनके इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर भी उनकी यात्रा को लेकर चर्चा होने लगी।
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देशभर में शुरू हुआ 10 दिन का गणेशोत्सव
गणेश चतुर्थी का त्योहार महाराष्ट्र में खास महत्व रखता है, लेकिन अब इसे देश के कई हिस्सों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस दौरान लोग अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते हैं। इस वर्ष गणेश चतुर्थी का शुभारंभ 14 सितंबर से हुआ। इसी दिन भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हुई। पूरे उत्सव के दौरान भक्त भगवान गणेश की पूजा करते हैं और उनसे सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
लालबागचा राजा के दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
मुंबई में गणेश चतुर्थी का सबसे बड़ा आकर्षण लालबागचा राजा को माना जाता है। हर साल देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंचते हैं। गणपति की विशाल और आकर्षक प्रतिमा के दर्शन के लिए भक्त घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। पंडाल के आसपास 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे लगातार गूंजते रहते हैं। भक्त भगवान गणेश से अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं।
1934 से जुड़ी है लालबागचा राजा की परंपरा
लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की शुरुआत साल 1934 में हुई थी। यह मंडल पुतलाबाई चॉल क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। तब से लेकर आज तक यह मुंबई के गणेशोत्सव का अहम हिस्सा बना हुआ है। लालबागचा राजा से जुड़ी प्रतिमा के निर्माण और देखभाल की जिम्मेदारी लंबे समय से कांबली परिवार निभाता आ रहा है। कई दशकों से चली आ रही यह परंपरा आज भी जारी है।
आस्था और एकता का प्रतीक बना गणेशोत्सव
गणेश चतुर्थी सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह लोगों को एक साथ जोड़ने वाला उत्सव भी है। मुंबई में इस दौरान धर्म, भाषा और अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग एक साथ गणपति के दर्शन करने पहुंचते हैं। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचना भी इसी सांस्कृतिक जुड़ाव की एक झलक माना जा रहा है। मुंबई में गणेशोत्सव की भव्यता और लोगों की श्रद्धा ने एक बार फिर देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।



















