काशी विश्वनाथ मंदिर में मिसफायर :PAC जवान की कार्बाइन गिरते ही चली गोलियां, 3 फूल विक्रेता घायल

वाराणसी स्थित विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मंदिर के वीआईपी गेट नंबर-4 (4B) पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) के एक जवान के हाथ से सरकारी कार्बाइन फिसलकर जमीन पर गिर गई। इसके बाद अचानक दो राउंड फायर हो गए। गोलियां सीधे किसी व्यक्ति को नहीं लगीं, लेकिन सड़क से उछले पत्थरों और छर्रों की चपेट में आने से तीन लोग घायल हो गए।
घटना सुबह करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। उस समय मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ मौजूद थी।
कैसे हुआ पूरा हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गेट नंबर-4 पर तैनात PAC जवान के हाथ से कार्बाइन अचानक छूटकर जमीन पर गिर गई। कार्बाइन गिरते ही उससे दो राउंड फायर हो गए। गोलियां सड़क से टकराईं, जिससे पत्थरों के छोटे-छोटे टुकड़े और छर्रे आसपास खड़े लोगों को लगे। राहत की बात यह रही कि गोली सीधे किसी श्रद्धालु या सुरक्षाकर्मी को नहीं लगी। यदि गोली भीड़ की ओर जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
तीन लोग घायल, सभी खतरे से बाहर
इस हादसे में मंदिर के बाहर फूल-माला बेचने वाले तीन लोग घायल हुए। घायलों की पहचान निक्की गुप्ता, रामबाबू और विकास यादव के रूप में हुई है। डॉक्टरों के अनुसार तीनों को मामूली चोटें आई हैं। किसी को गोली नहीं लगी, बल्कि सड़क से उछले पत्थरों और छर्रों के कारण चोट पहुंची। एक व्यक्ति के हाथ, दूसरे की कमर और तीसरे के पैर में चोट आई है। सभी की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
गोली की आवाज से मची अफरा-तफरी
मंदिर परिसर में अचानक गोलियों की आवाज सुनते ही श्रद्धालुओं और दुकानदारों में कुछ समय के लिए दहशत फैल गई। लोगों को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मी तुरंत सक्रिय हुए और उन्होंने लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को बताया कि यह दुर्घटनावश हुई फायरिंग थी और किसी प्रकार का सुरक्षा खतरा नहीं है।
पुलिस और प्रशासन ने तुरंत संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच की गई। प्रशासन ने कहा कि, यह पूरी तरह एक्सीडेंटल मिसफायर का मामला है। शुरुआती जांच में किसी भी तरह के आतंकी एंगल या सुरक्षा उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई है।
DCP ने क्या बताया?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, PAC के एक कॉन्स्टेबल के हाथ से कार्बाइन फिसल गई थी। जमीन पर गिरते ही दो राउंड फायर हुए। गोलियां टकराकर उछलीं और उनके प्रभाव से तीन लोग घायल हो गए। सभी को मामूली चोटें आई हैं और उनकी स्थिति सामान्य है।
घटना के समय मंदिर में थी श्रद्धालुओं की भीड़
शनिवार सुबह मंदिर में नियमित दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। गेट नंबर-4 मंदिर का सबसे व्यस्त प्रवेश द्वारों में से एक माना जाता है। ऐसे में अचानक हुई फायरिंग से कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, हालांकि सुरक्षा बलों की तत्परता से स्थिति जल्द सामान्य कर ली गई।
मामले की जांच शुरू
पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि कार्बाइन गिरने के बाद फायरिंग कैसे हुई और क्या इसमें तकनीकी खराबी थी या सुरक्षा नियमों का पालन करने में कहीं लापरवाही हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा हादसा टला
काशी विश्वनाथ मंदिर देश के सबसे संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में भीड़भाड़ के बीच हुई यह दुर्घटनावश फायरिंग सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मानी जा रही है। हालांकि राहत की बात यह रही कि गोली सीधे किसी व्यक्ति को नहीं लगी और समय रहते सुरक्षा बलों ने हालात पर काबू पा लिया। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि यह केवल तकनीकी कारण था या सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में कोई चूक हुई।











