🌤️
--Bhopal, India

PlayBreaking News

टाटा संस के इतिहास में पहली बार स्थगित हुई AGM, जानें अब कब होगी बैठक

टाटा संस की मंगलवार को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग यानी AGM को कोरम पूरा नहीं होने के कारण स्थगित कर दिया गया। कंपनी के 100 साल से ज्यादा पुराने इतिहास में पहली बार एजीएम टलने का ऐसा मामला सामने आया है। एन चंद्रशेखरन के चेयरमैन पद से इस्तीफे के बाद हुई इस घटना ने टाटा संस के कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है।
Follow on Google News
टाटा संस के इतिहास में पहली बार स्थगित हुई AGM, जानें अब कब होगी बैठक
टाटा संस के इतिहास में पहली बार स्थगित हुई AGM

टाटा संस की एजीएम मंगलवार दोपहर 2:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑडियो-विजुअल माध्यम से होनी थी। बैठक के लिए जरूरी संख्या में सदस्य मौजूद नहीं होने के कारण वैध कोरम पूरा नहीं हो सका और एजीएम स्थगित करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक, सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट की ओर से संयुक्त प्रतिनिधि नामित किए जाने में नियामकीय पाबंदी बड़ी वजह बनी। कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के अनुसार वैध कोरम के लिए कम से कम पांच सदस्यों की मौजूदगी जरूरी है। अब एजीएम सितंबर में आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

प्रतिनिधि की नियुक्ति बनी बड़ी वजह

जानकारी के मुताबिक, एजीएम में कोरम पूरा नहीं होने के पीछे ट्रस्ट की ओर से संयुक्त प्रतिनिधि नामित किए जाने से जुड़ी समस्या अहम रही। सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट की ओर से संयुक्त रूप से नामित किए जाने वाले प्रतिनिधि को लेकर नियामकीय पाबंदी लागू है। महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के स्तर पर जारी प्रतिबंध के कारण सर रतन टाटा ट्रस्ट फिलहाल संयुक्त प्रतिनिधि नामित करने की स्थिति में नहीं है। टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के तहत वैध कोरम के लिए कम से कम पांच सदस्यों की मौजूदगी आवश्यक है। ऐसे में संबंधित प्रतिनिधि की अनुपस्थिति ने बैठक के लिए जरूरी कोरम को प्रभावित किया और एजीएम को आगे बढ़ाना पड़ा।

ये भी पढ़ें: बहनों के लिए खुशखबरी-मप्र में पांच साल तक जारी रहेगी लाड़ली बहना योजना

चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद बदला माहौल

यह घटनाक्रम एन चंद्रशेखरन के टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफे के कुछ दिन बाद सामने आया है। चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था, हालांकि वह अगले साल फरवरी तक इस पद पर बने रहेंगे। वह वर्ष 2017 से टाटा संस की कमान संभाल रहे हैं। इससे पहले इसी साल फरवरी में बोर्ड ने उन्हें दोबारा चेयरमैन नियुक्त करने के फैसले को टाल दिया था। चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद कंपनी के नेतृत्व और बोर्ड से जुड़े फैसलों पर पहले से ही बाजार की नजर बनी हुई है। ऐसे में एजीएम का स्थगित होना टाटा संस के लिए एक अहम कॉर्पोरेट घटनाक्रम माना जा रहा है।

Breaking News

100 साल में पहली बार स्थगित हुई सालाना बैठक 

टाटा संस की स्थापना वर्ष 1917 में हुई थी और कंपनी ने अपने लंबे इतिहास में कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियमित सालाना बैठकों की प्रक्रिया का पालन किया है। कंपनी से जुड़े बड़े विवादों, यहां तक कि सायरस मिस्त्री मामले के दौरान भी एजीएम आयोजित हुई थीं। भारतीय कंपनी कानून के तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष के बाद तय समय सीमा में एजीएम आयोजित करना जरूरी होता है। आम तौर पर एजीएम को पूरी तरह रद्द करने के बजाय विशेष परिस्थितियों में स्थगित किया जा सकता है या कानूनी न्यायाधिकरण के आदेश से रोका जा सकता है। ऐसे में मौजूदा घटनाक्रम को टाटा संस के इतिहास में असाधारण माना जा रहा है और सितंबर में होने वाली संभावित बैठक पर अब सभी की नजर रहेगी।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

icon

Latest Posts