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Ola-Rapido पर RTO का शिकंजा! 10 हजार बाइक टैक्सी, कमर्शियल सिर्फ 300, अब प्राइवेट बाइक पर एक्शन

भोपाल में बाइक टैक्सी चलाने वाले हजारों लोगों पर परिवहन विभाग की कार्रवाई का असर पड़ सकता है। RTO ने साफ किया है कि एग्रीगेटर ऐप पर सवारी ढोने के लिए कमर्शियल वाहन जरूरी है। निजी नंबर की बाइक या कार से किराए पर सवारी ले जाते मिलने पर कार्रवाई होगी। इस फैसले से Ola-Rapido की बाइक राइड उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
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Ola-Rapido पर RTO का शिकंजा! 10 हजार बाइक टैक्सी, कमर्शियल सिर्फ 300, अब प्राइवेट बाइक पर एक्शन
भोपाल में बाइक टैक्सी पर RTO सख्त

भोपाल। भोपाल में Ola और Rapido की बाइक टैक्सी सेवा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शहर में बड़ी संख्या में बाइक टैक्सी चलने का दावा है, लेकिन कमर्शियल नंबर वाली बाइक की संख्या काफी कम बताई जा रही है। इसी अंतर को लेकर टैक्सी यूनियनों ने सवाल उठाए हैं। 18 और 19 अगस्त की हड़ताल में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया था। अब भोपाल RTO ने साफ कर दिया है कि एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को ले जाने के लिए वाहन का कमर्शियल होना जरूरी है। निजी नंबर वाले वाहनों से व्यावसायिक सवारी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

प्राइवेट नंबर की बाइक पर अब RTO की नजर

भोपाल RTO जितेंद्र शर्मा ने कहा है कि एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर नियमों के मुताबिक कमर्शियल वाहन ही चलाए जा सकते हैं। अगर कोई निजी नंबर की बाइक या कार यात्रियों को किराए पर ले जाते हुए पकड़ी जाती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसका सीधा असर उन ड्राइवरों पर पड़ सकता है जो निजी बाइक को बाइक टैक्सी के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भोपाल में बाइक टैक्सी सेवा पूरी तरह बंद होगी। वैध कमर्शियल नंबर वाले वाहन नियमों के तहत चलते रहेंगे।

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10 हजार बाइक का दावा, कमर्शियल सिर्फ 200-300

शहर में Ola और Rapido जैसी सेवाओं के जरिए 10 हजार से ज्यादा बाइक टैक्सी चलने का दावा टैक्सी यूनियनों की ओर से किया जा रहा है। वहीं परिवहन विभाग के अनुसार भोपाल में कमर्शियल नंबर वाली बाइक की संख्या करीब 200 से 300 के बीच है। हालांकि, 10 हजार निजी बाइक टैक्सी चलने का आंकड़ा आधिकारिक तौर पर परिवहन विभाग ने जारी नहीं किया है। इसलिए इस संख्या को यूनियन का दावा माना जा रहा है। विभाग अब नियमों के तहत चल रहे वाहनों पर नजर रखने की बात कह रहा है।

टैक्सी यूनियनों ने उठाया था सवाल

बाइक टैक्सी को लेकर विवाद नया नहीं है। भोपाल में 18 और 19 अगस्त को टैक्सी यूनियनों ने हड़ताल की थी। इस दौरान ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऐप पर निजी नंबर वाले वाहनों के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया गया। यूनियन का कहना है कि कमर्शियल वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को परमिट, फिटनेस, बीमा, टैक्स और दूसरे जरूरी नियमों का पालन करना पड़ता है। ऐसे में निजी वाहनों से सवारी ढोने पर नियमों का पालन करने वाले चालकों को नुकसान होता है।

कमर्शियल बाइक वालों को मिल सकता है फायदा

अगर परिवहन विभाग निजी नंबर वाली बाइक के खिलाफ कार्रवाई करता है, तो बाइक टैक्सी की कुल संख्या घट सकती है। इसका असर ऐप पर मिलने वाली राइड पर भी पड़ सकता है। दूसरी ओर कमर्शियल नंबर वाली बाइक चलाने वाले ड्राइवरों को इसका फायदा मिल सकता है। यात्रियों के लिए भी शुरुआत में बाइक मिलने में ज्यादा समय लग सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां निजी बाइक टैक्सी की संख्या ज्यादा है।

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RTO नियम

परिवहन विभाग का कहना है कि कार्रवाई किसी एक कंपनी को लेकर नहीं है, बल्कि वाहन के नियमों के मुताबिक इस्तेमाल को लेकर है। एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर चलने वाले वाहनों को जरूरी दस्तावेज और कमर्शियल पंजीकरण के नियम पूरे करने होंगे। फिलहाल विभाग ने बाइक टैक्सी सेवा बंद करने की बात नहीं कही है। कार्रवाई का फोकस निजी नंबर वाले वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रहेगा। आने वाले दिनों में जांच बढ़ने पर भोपाल की बाइक टैक्सी सेवा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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