उड़ान भरते ही इंडिगो फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी, 127 यात्रियों की अटकी सांसें; ढाई घंटे बाद त्रिची में हुई लैंडिंग

त्रिची। इंडिगो एयरलाइंस की एक फ्लाइट में शुक्रवार शाम अचानक तकनीकी समस्या आने के बाद यात्रियों में चिंता बढ़ गई। त्रिची से सिंगापुर के लिए उड़ान भरने वाले विमान में टेकऑफ के कुछ ही देर बाद गड़बड़ी का पता चला। विमान में उस समय 127 यात्री सवार थे। स्थिति को देखते हुए पायलटों ने विमान को वापस त्रिची लाने का फैसला किया। हालांकि, विमान को तुरंत लैंड नहीं कराया गया। सुरक्षित लैंडिंग के लिए पायलटों ने करीब ढाई घंटे तक आसमान में चक्कर लगाए, जिसके बाद रात करीब 9 बजे विमान को त्रिची इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
शाम 6:40 बजे त्रिची से भरी उड़ान
जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट ने शुक्रवार यानी 21 अगस्त की शाम करीब 6:40 बजे त्रिची एयरपोर्ट से सिंगापुर के लिए उड़ान भरी थी। विमान ने उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पायलटों को तकनीकी समस्या का पता चला। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पायलटों ने तुरंत त्रिची एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया। इसके बाद विमान को वापस त्रिची एयरपोर्ट लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। विमान में 127 यात्री सवार होने के कारण सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई। एयरपोर्ट और ATC अधिकारियों को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई।
आखिर विमान ने ढाई घंटे तक क्यों लगाए चक्कर?
तकनीकी खराबी सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था कि विमान को तुरंत एयरपोर्ट पर क्यों नहीं उतारा गया। इसके पीछे विमान की सुरक्षित लैंडिंग से जुड़ी प्रक्रिया बताई गई। आपात स्थिति में विमान को उतारने से पहले उसका वजन कम करना जरूरी हो सकता है। विमान में मौजूद अतिरिक्त ईंधन भी वजन बढ़ाता है। ऐसे में पायलटों ने विमान को हवा में ही चक्कर लगाकर ईंधन कम करने की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान विमान लगातार ATC के संपर्क में रहा। पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य विमान का वजन सुरक्षित सीमा तक लाना और फिर उसे एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारना था।
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एयरपोर्ट पर पहले से तैयार थीं इमरजेंसी सेवाएं
त्रिची एयरपोर्ट के डायरेक्टर गोपालकृष्णन के अनुसार, पूरी प्रक्रिया के दौरान एयरपोर्ट अधिकारी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल लगातार विमान के पायलटों के संपर्क में रहे। विमान की वापसी को देखते हुए एयरपोर्ट पर जरूरी आपातकालीन इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा टीम और अन्य संबंधित सेवाओं को भी अलर्ट रखा गया, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। करीब ढाई घंटे तक आसमान में रहने के बाद विमान ने रात करीब 9 बजे त्रिची एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
यात्रियों के लिए किया गया दूसरे विमान का इंतजाम
विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए एयरलाइन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था की गई। प्रभावित यात्रियों के लिए एक दूसरे विमान का इंतजाम किया गया, ताकि वे सिंगापुर की यात्रा पूरी कर सकें। इस पूरी घटना के दौरान यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि, विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद राहत की स्थिति बनी।
इंडिगो की फ्लाइट में लगातार दूसरे दिन तकनीकी समस्या
इस घटना ने इसलिए भी ध्यान खींचा क्योंकि इंडिगो की एक अन्य फ्लाइट में भी इससे एक दिन पहले तकनीकी समस्या सामने आई थी। 20 अगस्त यानी गुरुवार को दिल्ली से मंगलुरु जा रही इंडिगो की फ्लाइट में रनवे पर टैक्सींग के दौरान तकनीकी खराबी की सूचना मिली थी। इसके बाद विमान से जुड़ी सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई थी। लगातार दो दिनों में इंडिगो की अलग-अलग उड़ानों में तकनीकी समस्या सामने आने के बाद यात्रियों की सुरक्षा और विमानों की तकनीकी जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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खराबी किस तरह की थी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई
फिलहाल इंडिगो की ओर से त्रिची-सिंगापुर फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी की सटीक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। यह स्पष्ट नहीं है कि विमान के किस सिस्टम में समस्या आई थी। विमान के सुरक्षित लौटने के बाद अब तकनीकी टीम इसकी जांच कर सकती है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि उड़ान के दौरान किस वजह से समस्या आई और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।




















