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Navratri 2026:कन्या पूजन के दौरान क्यों धोए जाते हैं कन्याओं के पैर ? जानिए इसका धार्मिक महत्व

देशभर में नवरात्रि का पर्व पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। भक्त इन नौ दिनों तक व्रत रखकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति से मातारानी प्रसन्न होती हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। नवरात्रि के आखिरी दिनों में कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस बार कन्या पूजन महानवमी 27 मार्च को किया जाएगा।
कन्या पूजन के दौरान क्यों धोए जाते हैं कन्याओं के पैर ? जानिए इसका धार्मिक महत्व
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    कन्या पूजन नवरात्रि का एक महत्वपूर्ण और पवित्र हिस्सा है, जो हमें सेवा, सम्मान और श्रद्धा का संदेश देता है। कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनकी पूजा करना न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि घर में सुख, शांति और समृद्धि भी लाता है।

    कन्या पूजन में चरण धोने का धार्मिक महत्व

    कन्या पूजन के दौरान कन्याओं के पैर धोना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि यह भक्ति, सेवा और विनम्रता का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, 'या देवी सर्वभूतेषु…' के आधार पर हर कन्या में देवी का वास माना जाता है। इसलिए उनके चरण धोना देवी की पूजा का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति यह विधि श्रद्धा से करता है, उसके परिवार पर माता की कृपा बनी रहती है।

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    लक्ष्मी स्वरूप मानी जाती हैं कन्याएं

    कन्याओं को केवल मां दुर्गा ही नहीं, बल्कि मां लक्ष्मी का भी रूप माना जाता है। मान्यता है कि जब कन्याएं घर में आती हैं तो वह अपने साथ सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आती हैं। उनके चरण धोकर और उन्हें भोजन कराकर भक्त देवी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इससे आर्थिक उन्नति के रास्ते खुलते हैं और घर में खुशहाली बनी रहती है।

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    वास्तु नियम और पूजन विधि

    वास्तु शास्त्र में भी कन्या पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। इसके अनुसार, कन्याओं का सम्मान और उनके चरण धोने से घर में धन की कमी दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। पूजन के दौरान दिशा का भी ध्यान रखा जाता है-पूर्व दिशा की ओर मुख करके अर्घ्य और पाद्य देना चाहिए, दक्षिण-पूर्व की ओर मुख करके आरती करनी चाहिए और उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके टीका लगाना शुभ माना जाता है। 

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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