बेटे की चाहत में SDO ने रची साजिश? गीता से हुई 5 लाख की डील, फिर अस्पताल में रची गई साजिश

कानपुर। पुलिस के अनुसार, दो बेटियों के बाद बेटा पाने की चाहत में रामकुमार ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये में बच्चा चोरी करवाने की साजिश रची थी। जांच के दौरान गीता के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई, जिसमें रामकुमार से लगातार बातचीत होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने इसके बाद रामकुमार की भूमिका की जांच शुरू की और करीब तीन महीने की जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश में केवल रामकुमार और गीता शामिल थे या इसके पीछे कोई और नेटवर्क भी काम कर रहा था। एसीपी कृष्ण कुमार ने बताया कि कॉल डिटेल और दूसरे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर एसडीओ रामकुमार को गिरफ्तार किया गया है।
10 मई को अस्पताल से नवजात ले जाने की कोशिश
10 मई को घाटमपुर के सरकारी अस्पताल में मंजू ने बेटे को जन्म दिया था। इसी दौरान गीता नाम की महिला अस्पताल पहुंची और मंजू के परिवार से बातचीत शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, गीता ने परिवार को बताया कि उसकी बहन की भी डिलीवरी होने वाली है और कुछ देर बाद उसने बाहर आई एक रिश्तेदार के एक्सीडेंट की बात कही। उसकी बात पर भरोसा कर परिवार के कुछ सदस्य बाहर चले गए। इसी दौरान गीता ने बच्चे को देखने की बात कही और परिवार ने नवजात उसे दे दिया।
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झोले में बच्चा रखते ही खुल गई पोल
बच्चे को लेकर गीता वार्ड से बाहर निकल गई, लेकिन इसी दौरान मंजू की जेठानी की नजर उस पर पड़ गई। उसने देखा कि गीता बच्चे को अपने झोले में रख रही है, जिसके बाद उसने शोर मचा दिया। शोर सुनकर अस्पताल में मौजूद लोग गीता के पीछे दौड़े और उसे पकड़ लिया। नवजात को भी सकुशल बरामद कर लिया गया और सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद गीता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। उस समय यह मामला एक महिला की ओर से की गई बच्चा चोरी की कोशिश जैसा ही दिखाई दे रहा था।
मोबाइल की कॉल डिटेल से सामने आया SDO का नाम
पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और गीता के मोबाइल फोन की पड़ताल शुरू की। कॉल डिटेल में एक ऐसा नंबर मिला, जिस पर गीता से लगातार बातचीत हुई थी। जांच में यह नंबर बिजली विभाग में SDO के पद पर तैनात रामकुमार का निकला। इसके बाद पुलिस ने दोनों के बीच बातचीत और संपर्क की जानकारी जुटानी शुरू की। इसी आधार पर बच्चा चोरी के मामले में एक अधिकारी की कथित भूमिका की जांच शुरू हुई।
बेटा पाने की चाहत में साजिश का आरोप
पुलिस के मुताबिक, रामकुमार की पहले कानपुर देहात के पुखरायां में पोस्टिंग थी और इसी दौरान उसकी गीता से जान-पहचान हुई थी। बाद में रामकुमार की पोस्टिंग हमीरपुर के मौदहा में SDO के पद पर हो गई। जांच में पुलिस को पता चला कि रामकुमार की दो बेटियां हैं और उसका कोई बेटा नहीं है। आरोप है कि बेटे की चाहत में उसने गीता से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, गीता ने रामकुमार को 5 लाख रुपये में बच्चा दिलाने का भरोसा दिया था।
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करीब तीन महीने बाद एसडीओ गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, बच्चे की तलाश के बाद 10 मई को घाटमपुर के सरकारी अस्पताल में नवजात को निशाना बनाया गया। आरोप है कि गीता ने परिवार का विश्वास जीतकर बच्चे को बाहर ले जाने की कोशिश की, लेकिन उसकी योजना कामयाब नहीं हो सकी और वह अस्पताल में ही पकड़ ली गई। गीता की गिरफ्तारी के बाद उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और दूसरे साक्ष्यों की जांच की गई। रामकुमार और गीता के बीच लगातार संपर्क के सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसकी भूमिका की जांच आगे बढ़ाई। करीब तीन महीने की जांच के बाद पुलिस ने रामकुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी
पुलिस के मुताबिक बच्चा चोरी के मामले में गीता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच के दौरान उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और दूसरे महत्वपूर्ण सबूत मिले, इन्हीं के आधार पर SDO रामकुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इससे पहले भी इस तरह किसी बच्चे को पाने की कोशिश की गई थी। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित साजिश में केवल रामकुमार और गीता शामिल थे या इसके पीछे कोई और नेटवर्क भी काम कर रहा था। इस पूरे मामले में 10 मई को मंजू की जेठानी की सतर्कता से नवजात बच्चा बच गया, जिसके बाद मोबाइल जांच से कथित साजिश की परतें खुलती चली गईं।












