भोपाल: नर्सिंग छात्रों का उग्र प्रदर्शन, बिल्डिंग पर चढ़े तीन छात्र; रिजल्ट और परीक्षा कराने की मांग

भोपाल। छात्रों की प्रमुख मांग GNM और बीएससी नर्सिंग के रिजल्ट तत्काल जारी करने और आगामी परीक्षाएं कराने की है। संगठन ने SC, ST और OBC वर्ग के नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों को स्कॉलरशिप देने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा EWS वर्ग के सामान्य छात्रों के लिए पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप योजना शुरू करने की मांग की गई है। NSO ने नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को दोबारा मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ने और शिक्षा में भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग रखी है।
बिल्डिंग पर चढ़े तीन छात्र
बुधवार को प्रदर्शन के दौरान तीन छात्र पास की एक बिल्डिंग पर चढ़ गए और तुरंत रिजल्ट जारी करने की मांग करने लगे। छात्र नेता रवि परमार ने बताया कि तीन छात्र बिल्डिंग पर चढ़े हैं, जिन्हें मान-मनौव्वल करके नीचे उतारा जा रहा है। पुलिस ने भी छात्रों से समझाइश की, जिसके बाद तीनों छात्र कुछ देर बाद बिल्डिंग से नीचे उतर आए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्र मौजूद रहे।
रिजल्ट और परीक्षाएं कराने की मांग
नर्सिंग छात्रों के संगठन NSO ने GNM और बीएससी नर्सिंग के रिजल्ट घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई है। संगठन का कहना है कि रिजल्ट जारी होने के बाद आगामी परीक्षाएं भी कराई जानी चाहिए। छात्रों के मुताबिक रिजल्ट और परीक्षाओं में देरी का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है। इसी वजह से संगठन ने नर्सिंग काउंसिल भोपाल के सामने 8 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया है।
स्कॉलरशिप और यूनिवर्सिटी बदलने की मांग
संगठन ने SC, ST और OBC वर्ग के GNM, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों को स्कॉलरशिप देने की मांग की है। इसके साथ ही EWS आरक्षण के दायरे में आने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए पढ़ाई हेतु स्कॉलरशिप योजना शुरू करने की मांग भी रखी गई है। NSO ने नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय यूनिवर्सिटीज से हटाकर दोबारा मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से जोड़ने की मांग की है।
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भ्रष्टाचार खत्म करने और इस्तीफे की मांग
NSO ने नर्सिंग शिक्षा में भ्रष्टाचार खत्म कर फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की मांग की है, ताकि भविष्य में केस आदि मामले न हों। संगठन की ओर से जारी पोस्टर में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग भी की गई है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इस वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।












