Jio IPO: ₹10 लाख करोड़ की वैल्यूएशन पर आएगा मुकेश अंबानी का जियो, निवेशकों की टिकीं नजरें!

नई दिल्ली। भारत के शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स के संभावित IPO को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाले रिलायंस समूह की यह डिजिटल कंपनी अपनी अलग पहचान के साथ शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस पेशकश के जरिए करीब ₹30,200 करोड़ जुटा सकती है। इसका संभावित मूल्यांकन ₹10 लाख करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है। IPO की तारीख और कीमत को लेकर अभी अंतिम जानकारी का इंतजार है। इस लिस्टिंग से निवेशकों को जियो के कारोबार और भविष्य की योजनाओं को समझने का नया मौका मिल सकता है।
भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है जियो
जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित IPO आकार के लिहाज से भारतीय बाजार के लिए अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी करीब ₹30,200 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है। ऐसा होने पर यह 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के IPO से बड़ा हो सकता है। हालांकि, अंतिम राशि और इश्यू की शर्तें कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होंगी।
Instagram में चुपके से आया MUSE! जानिए आपके लिए क्या-क्या कर सकता है ये AI Agent
₹10 लाख करोड़ से ज्यादा हो सकती है कंपनी की वैल्यूएशन
जियो प्लेटफॉर्म्स की संभावित वैल्यूएशन करीब ₹10.30 लाख करोड़ बताई जा रही है। इस स्तर पर कंपनी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में जगह बना सकती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक जैसी कंपनियां पहले ही इस बड़े बाजार मूल्य के दायरे में हैं। JIO की वास्तविक बाजार पूंजीकरण लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत और जारी शेयरों की संख्या पर निर्भर करेगी।
2016 से अब तक कैसे बदली JIO की तस्वीर?
साल 2016 में अपनी सेवाएं शुरू करने वाली JIO ने सस्ते डेटा और कॉलिंग के जरिए देश के टेलीकॉम बाजार में बड़ा बदलाव किया। कंपनी ने इंटरनेट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। अब इसका कारोबार मोबाइल सेवाओं तक सीमित नहीं है। JIO फाइबर, एंटरप्राइज सेवाओं, डिजिटल मनोरंजन, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है। मार्च 2026 तक कंपनी के करीब 52.44 करोड़ ग्राहक बताए गए हैं।
IPO से जुटाई रकम का क्या होगा?
IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा रिलायंस JIO इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति को सहारा मिल सकता है। रिपोर्ट्स में JIO प्लेटफॉर्म्स के कर्ज अनुपात में सुधार का भी जिक्र है। हालांकि, आगे कारोबार बढ़ाने के लिए नेटवर्क, तकनीक और नई सेवाओं में निवेश करना जरूरी रहेगा।




















