JPSC आंदोलन: सरकार और छात्रों के बीच बनी सहमति, 3 परीक्षाएं रद्द; वित्तीय लेन-देन की ED करेगी जांच

झारखंड में आंदोलनकारी छात्रों और सरकार के बीच तीसरे दौर की बातचीत जारी है। बैठक में परीक्षा धांधली मामले के वित्तीय लेन-देन की जांच ED से कराने की बात कही गई है। JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2025 और 14वीं प्रीलिम्स की परीक्षा रद्द करने की बात भी सामने आई है। TDPL एजेंसी द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं की जांच और JPSC-JSSC रिफॉर्म के लिए IIM और XISS की मदद लेने की बात कही गई है। सीएम हेमंत सोरेन ने संवाद के जरिए समाधान निकालने और आंदोलनकारी छात्रों के साथ न्याय का भरोसा दिलाया।
वित्तीय लेन-देन की ED करेगी जांच
छात्रों और मंत्रियों की बैठक में मंत्रियों की ओर से कहा गया कि परीक्षा धांधली मामले में वित्तीय लेन-देन की जांच सरकार ED से कराने को तैयार है। इसके साथ ही फिलहाल तीन परीक्षाएं JPSC बैकलॉग 2023, JPSC बैकलॉग 2025 और 14वीं प्रीलिम्स की परीक्षा रद्द करने की बात कही गई है। सूत्रों के मुताबिक, TDPL एजेंसी द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं की भी जांच होगी। सरकार ने JPSC और JSSC रिफॉर्म के लिए IIM और XISS संस्थान की मदद लेने की बात भी कही है।
'दोषियों को इसी मिट्टी में दफना देंगे'
इन सबके बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि सभी की चिंता सरकार करती है और हमारे नौजवान आंदोलन में बैठे हैं। सरकार की गतिविधियों के कारण ही आंदोलन पर बैठे हैं और अपने अधिकार मांग रहे हैं। सीएम ने कहा कि हमने चोरी पकड़ ली है और जिन्होंने चोरी की है, उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने कहा, इस मिट्टी में जन्म लिया है और इसी में दफन होंगे, सरकार की पूरी कोशिश है कि नौजवानों को न्याय मिले।
'राजनीतिक छत्रछाया की कोई जरूरत नहीं'
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि इस विषय को लेकर राजनीतिक छत्रछाया लेने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन कुछ महत्वाकांक्षी लोग हैं, जो इस रास्ते को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश के नौजवानों पर नजर है और इसमें विद्वान लोग भी लगे हैं। उन्होंने आंदोलनकारियों से निर्भीक होकर सरकार के पास अपनी बात रखने की अपील की और कहा कि सिर्फ आंदोलनकारियों की ही नहीं, बल्कि जो घर पर हैं, उनकी बात भी सुनी जाएगी। उनके अनुरूप चीजें तैयार होंगी।
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'लाठी-डंडे से नहीं, संवाद से होगा समाधान'
मुख्यमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि नौजवानों को डराने-धमकाने, लाठी-डंडे और गोली चलाने, पैलेट गन के बाद देशद्रोही बनाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि संविधान देश में रहने वाले सभी व्यक्तियों को समान अधिकार देता है, लेकिन आजादी के इतने साल बाद भी हर समाज एक समान नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को चुनौती देने के लिए बड़ा समूह ताकत के साथ लगा है और झारखंड वीरों की भूमि है। सीएम ने कहा कि हर समस्या का समाधान संवाद से होता है, लाठी-डंडों से नहीं, इससे नुकसान ही होता है।












