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झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का दिल्ली में उपचार के दौरान निधन, हेमंत सोरेन ने लिखी भावुक पोस्ट

झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का दिल्ली में उपचार के दौरान निधन, हेमंत सोरेन ने लिखी भावुक पोस्ट

नई दिल्ली। झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का शुक्रवार को दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भावुक संदेश लिखते हुए कहा ऐसे नहीं जाना था आपको, रामदास दा... अंतिम जोहार, दादा। उन्होंने कहा रामदास सोरेन का निधन एक राजनीतिक सहयोगी का बिछोह नहीं है, , बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर गहरी क्षति है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा यह झारखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत मंत्री के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। बता दें कि रामदास सोरेन की तबीयत पिछले कुछ समय से गंभीर बनी हुई थी।

2 अगस्त को उन्हें लगी थीं गंभीर चोटें

2 अगस्त को वे अपने आवास के बाथरूम में गिर गए थे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पहले उन्हें जमशेदपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया। वहां वे लाइफ सपोर्ट पर थे और वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में लगी थी। बावजूद इसके, उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। रामदास सोरेन झारखंड की राजनीति में एक अहम स्थान रखते थे, खासकर कोल्हान क्षेत्र में। वे झारखंड आंदोलन के स्तंभ माने जाते थे और आदिवासी समाज के हक़ और अधिकारों की आवाज़ बुलंद करने वाले नेताओं में शामिल थे। राजनीतिक जीवन में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई पहलें कीं और ग्रामीण व आदिवासी इलाकों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया। उनके निधन से न केवल राजनीति में बल्कि शिक्षा जगत में भी एक खालीपन आ गया है।

उनके निधन पर भाजपा ने जताया शोक

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि 12 दिनों के भीतर झारखंड ने दो बड़े नेताओं को खो दिया है। उन्होंने बताया कि रामदास सोरेन का कोल्हान क्षेत्र में बड़ा योगदान था और वे झारखंड आंदोलन के दौरान एक मजबूत स्तंभ रहे। उनके जाने से राज्यभर में शोक की लहर है। यह घटना झारखंड के लिए एक बड़ा झटका है। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब कोई नेता, जिसने जनता के लिए अपना जीवन समर्पित किया हो, इस तरह अचानक चला जाए तो यह पूरे समाज के लिए पीड़ा का कारण बनता है। रामदास सोरेन का व्यक्तित्व सरल और जमीनी था। वे न केवल एक नेता बल्कि एक मार्गदर्शक और प्रेरक व्यक्तित्व थे।

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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