डिजिटल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद नेसेट को संबोधित करते हुए सात अक्तूबर के हमलों की आलोचना की। उन्होंने इसे क्रूर हमला करार देते हुए भारत की ओर से संवेदना व्यक्त की। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत भी आतंकवाद का शिकार है। उन्होंने कहा, मेरी संवेदना उन सभी लोगों के परिवारों के साथ है, जिन्होंने हमास के हमलों में अपनी जान गंवाईं। भारत इजरायल के साथ खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा, आपकी ही तरह हमारी भी आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति है। आतंकवाद विश्वास को तोड़ता है। आतंकवाद के खिलाफ दोहरा रवैया नहीं रख सकते हैं। आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहमति जरूरी है।
इजरायल की संसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान 'स्पीकर ऑफ द नेसेसिटी मेडल 'से नवाजा।
पीएम मोदी ने कहा, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी रहा है। जल्द ही, हम दुनिया की टॉप तीन इकॉनमी में शामिल होंगे। पिछले कुछ सालों में, भारत ने दूसरे देशों के साथ कई जरूरी ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। हमारी टीमें एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा, भारत का इस जमीन से रिश्ता खून और कुर्बानी से भी जुड़ा है। पहले विश्व युद्ध के दौरान, 4,000 से अधिक भारतीय सैनिकों ने इस इलाके में अपनी जान दी।
पीएम मोदी ने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से समर्थित गाजा पीस पहल को भारत ने अपना समर्थन दिया है। हमारा मानना है कि इसमें फिलिस्तीन मुद्दे के समाधान सहित, इस क्षेत्र के सभी लोगों के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का वादा निहित है। शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस क्षेत्र में संवाद, शांति और स्थिरता के लिए आपके और विश्व के साथ खड़ा है।
इजरायली संसद में पीएम मोदी ने कहा, यहूदी समुदाय भारत में उत्पीड़न या भेदभाव के डर के बिना रहे हैं। उन्होंने अपने धर्मों को संरक्षित रखा है और समाज में पूर्ण रूप से भाग लिया है।
पीएम मोदी ने कहा, मुझे इजरायल की पहली यात्रा करने वाले भारत के प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य मिला और मैं यहां दोबारा आकर और भी खुश हूं। प्रधानमंत्री ने कहा, मेरा जन्मदिन उसी दिन होता है, जिस दिन भारत ने इजरायल को एक देश के तौर पर मान्यता दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत शालोम और नमस्ते से की। उन्होंने कहा कि इस संसद के सामने खड़े होना सम्मान की बात है। भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यह मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं आपके लिए लाया हूं।
पीएम मोदी का पहले इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने नेसेट में स्वागत किया और उन्हें इजरायल का सबसे अच्छा दोस्त बताया। उन्होंने कहा, भारत इजरायल का महान मित्र देश है। मोदी मेरे लिए दोस्त से बढ़कर भाई हैं। पीएम मोदी दुनिया के सबसे सम्मानित नेता हैं। इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे आपसे कहना है मेरे प्रिय मित्र नरेंद्र, आज आपकी यात्रा से मैं बेहद भावुक हूं। आप इजरायल के एक महान मित्र, भारत-इजरायल गठबंधन के एक महान समर्थक, विश्व मंच पर एक महान नेता हैं। आपकी यात्रा से मैं इतना भावुक कभी नहीं हुआ था। मेरे प्रिय मित्र प्रधानमंत्री मोदी और आपके सम्मानित प्रतिनिधिमंडल का यरूशलम में स्वागत है। मैं तो यह कहूंगा कि आप मित्र से बढ़कर भाई हैं। जब आप पिछली बार यहां आए थे, हम दोनों भूमध्य सागर के तट पर थे। मैंने कहा था- क्यों न हम अपने जूते उतारकर पानी में चलें? हम पानी पर तो नहीं चले, लेकिन तबसे हमने चमत्कार जरूर किए हैं। क्योंकि हमने अपने व्यापार को दोगुना, सहयोग को तिगुना और आपसी समझ को चौगुना कर दिया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, हम दोनों के बीच व्यक्तिगत और दोनों देशों और हमारे लोगों के बीच एक शानदार दोस्ती रही है। आज सुबह, मेरी पत्नी सारा और मैंने एयरपोर्ट पर आपका स्वागत किया। जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे आए, हमने एक-दूसरे को गले लगा लिया। प्रधानमंत्री मोदी का गले लगना कुछ खास है। इसे मोदी हग कहा जाता है। यह दुनिया भर में मशहूर है। और जब आप किसी को करीब से सच में गले लगाते हैं, तो आप जानते हैं कि यह कोई दिखावा नहीं है। यह असल है। इसे मोदी हग कहा जाता है। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पीएम नरेंद्र मोदी को बताया 'एशिया का शेर' बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हमेशा इजरायल की मदद के लिए तैयार रहते हैं।
इससे पहले, इजरायली संसद के स्पीकर अमीर ओहाना ने पीएम मोदी का हिंदी में स्वागत करते हुए कहा कि नेसेट में आपका स्वागत है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। उनके इस हिंदी अभिवादन से सदन में खास उत्साह का माहौल बन गया। स्पीकर ने कहा, आज मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात है कि मैं भारत के प्रधानमंत्री का स्वागत कर रहा हूं। वह नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं और एक बार फिर इतिहास रच रहे हैं। धन्यवाद, प्रधानमंत्री मोदी। उन्होंने पीएम मोदी के इस दौरे को भारत और इस्राइल के बीच बढ़ते सहयोग और दोस्ती को नई ऊंचाई देने वाला बताया।