हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार साल में कुल 24 एकादशी आती हैं। इन्हीं में से एक है आमलकी एकादशी, जो फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ती है।
इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है। आमलकी एकादशी को अमला एकादशी और रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है। काशी में इसी दिन से होली की शुरुआत होती है, इसलिए इसे रंगभरी एकादशी कहा जाता है।
पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 27 फरवरी को रात 12:33 बजे शुरू होकर उसी दिन रात 10:32 बजे तक रहेगी। उदय तिथि के अनुसार आमलकी एकादशी का व्रत 27 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा।
व्रत का पारण अगले दिन यानी 28 फरवरी को
सुबह 6:47 बजे से 9:06 बजे के बीच किया जाएगा।
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 08:43 पी एम
इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं-
इन योगों में पूजा और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।