डिजिटल डेस्क। इंडिगो की चेन्नई से सिंगापुर जाने वाली उड़ान मंगलवार को यात्रियों के लिए बेहद परेशान करने वाली साबित हुई। निर्धारित समय पर उड़ान भरने के बजाय विमान को तकनीकी कारणों से रोकना पड़ा। देखते ही देखते देरी कई घंटों में बदल गई और 200 से अधिक यात्री विमान के अंदर ही फंसे रह गए। इस दौरान उन्हें न तो पर्याप्त जानकारी मिल रही थी और न ही आरामदायक माहौल।
एयरलाइन के अनुसार, विमान में मामूली तकनीकी खामी सामने आई थी, जिसके चलते फ्लाइट को वापस पार्किंग बे में लाना पड़ा। इसी बीच कॉकपिट क्रू का ड्यूटी टाइम खत्म हो गया, जिससे नया क्रू बुलाना पड़ा। इस पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लग गया और उड़ान और भी लेट हो गई। सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट अंततः दोपहर करीब 1 बजे चेन्नई से रवाना हो सकी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में यात्री एयरलाइन स्टाफ से तीखी बहस करते नजर आए। एक यात्री ने आरोप लगाया कि एयर कंडीशनिंग बार-बार बंद हो रही थी, जिससे घुटन जैसी स्थिति पैदा हो गई। उसने कहा, “हम सांस नहीं ले पा रहे थे।” कई यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें लंबे समय तक न तो ठीक से वेंटिलेशन मिला और न ही पर्याप्त भोजन। कुछ यात्रियों ने यह सवाल भी उठाया कि इतनी लंबी देरी की स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी जा रही।
एक यात्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 7 बजे से फ्लाइट लेट थी, लेकिन कारण की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ यात्री पुलिस बुलाए जाने पर भी नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना था कि वे सिर्फ स्थिति की सही जानकारी चाहते थे। इस घटना के बाद एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
इंडिगो के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों की असुविधा कम करने के लिए रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराए गए और समय-समय पर अपडेट देने की कोशिश की गई। एयरलाइन ने यह भी कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है और तकनीकी खराबी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि इस घटना ने यह जरूर दिखाया कि आपात स्थिति में बेहतर संवाद और व्यवस्थाएं यात्रियों का अनुभव काफी हद तक सुधार सकती हैं।