घर का पूजा कक्ष सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। यह जगह पूजा-पाठ और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती है। इसलिए इसकी शुद्धता बनाए रखने के लिए लोग अक्सर वास्तु नियमों का ध्यान रखते हैं।
कई लोग पूजा कक्ष में माचिस की डिब्बी रख देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार यह सही नहीं है। अगरबत्ती, दीपक और मोमबत्ती जलाने में माचिस का उपयोग होता है, फिर भी पूजा घर में इसे रखना अशुभ माना जाता है। माचिस और आग को विनाश और अस्थिरता का प्रतीक माना गया है, जो पवित्र माहौल को बिगाड़ सकती है।
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, पूजा कक्ष में माचिस रखने से सकारात्मक ऊर्जा कम होती है। इससे मानसिक अशांति, आर्थिक परेशानी और पूजा का पूरा फल न मिलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही घर में नकारात्मकता बढ़ने की आशंका रहती है।
माचिस रखने के लिए रसोई सबसे सही जगह मानी जाती है, क्योंकि वह अग्नि तत्व से जुड़ी होती है। इसे बंद दराज या अलमारी में रखना बेहतर है। अगर पूजा कक्ष में रखना जरूरी हो, तो साफ कपड़े में लपेटकर रखें।
पूजा घर में लाइटर या अन्य ज्वलनशील वस्तुएं न रखें। जली हुई माचिस और अगरबत्ती की राख तुरंत हटा दें। माना जाता है कि ऐसा न करने से नकारात्मकता और दुर्भाग्य बढ़ सकता है।