मप्र के बैगा, भील व गोंड ट्राइब्स के आभूषण, कपड़े राष्ट्रपति भवन में सजेंगे

दिल्ली में प्रस्तावित ट्राइबल म्यूजियम में होंगी 9 गैलरियां, दिखेगी देश की विविधता
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मप्र के बैगा, भील व गोंड ट्राइब्स के आभूषण, कपड़े राष्ट्रपति भवन में सजेंगे

राजीव सोनी, भोपाल। राष्ट्रपति भवन में आकार ले रहे अनूठे ट्राइबल म्यूजियम में देश के सभी अंचलों की जनजातियों की कला-संस्कृति और जीवन शैली प्रदर्शित की जाएगी। इसमें 9 गैलरियां बनाई जाएंगी। इनमें मध्यप्रदेश की जनजाति भिलाला , गोंड, बैगा और सहरिया आदि से जुड़ी सांस्कृतिक और कलात्मक झलक को प्रमुखता से उभारा जाएगा।

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को साकार करने में जनजाति क्षेत्र से जुड़े से विशेषज्ञ, विभिन्न मंत्रालय के अधिकारी कवायद में जुटे हैं। राष्ट्रपति भवन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ सहित मानवशास्त्रियों ने भोपाल में तीन दिन तक विस्तृत मंथन के बाद प्रस्तावित म्यूजियम के आयामों पर सहमति बना ली है। इस बैठक में नेशनल म्यूजियम दिल्ली, ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट, एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, म्यूजियम के सलाहकार और मानव संग्रहालय, भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों ने विचार साझा किए। म्यूजियम के प्रस्तावित स्वरूप पर जल्दी ही काम शुरू हो जाएगा।

अंडमान- निकोबार की जनजाति के आर्टिकल भी

देश में जनजातियों की संख्या करीब पांच सौ से ज्यादा है। लेकिन सभी राज्यों की करीब 5-6 दर्जन प्रमुख जनजातियों की कला-संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले आर्टिकल्स/ प्रादर्श जुटाए जाएंगे। इनमें मध्यप्रदेश की भील िभलाला, बैगा, गोंड और सहरिया जैसी प्रमुख जनजातियों की झलक भी रहेगी। देश भर की जनजातियों के अलावा सुदूर अंडमान-निकोबार द्वीप में निवास करने वाली जनजातियों के प्रादर्श प्रमुख आकर्षण के बतौर रखे जाएंगे।

मप्र के प्रादर्श में कौड़ी- कांच के वस्त्र होंगे

मध्यप्रदेश की जनजातियों द्वारा बनाए जाने वाली मिट्टी और लकड़ी की कलात्मक सामग्री। संगीत वाद्ययंत्र मांदल-तुरही, रमतूला आदि। अलग-अलग तरह के ट्राइबल आभूषण और कौड़ी-कांच जड़े रंग-बिरंगे वस्त्र, आदिवासियों की पगड़ी-मुकुट के अलावा तीरक मान और शिकार में उपयोग होने वाले हथियार आदि भी जुटाए जाएंगे। खास बात यहा है कि यहां कपड़ों में खासतौर पर बैगारी और पिंक कलर की मूंगा साड़ी भी प्रमुखता से प्रदर्शित होगी।

भोपाल में तीन दिन तक चला मंथन सार्थक रहा

राष्ट्रपति भवन में बनने वाले ट्राइबल म्यूजियम के भावी स्वरुप पर तीन दिन तक विशेषज्ञों का भोपाल मंथन सार्थक रहा। इसमें मानव संग्रहालय सहित देश भर के विषय विशेषज्ञों की अहम भूमिका रहेगी। - एबी ओटा सलाहकार, प्रस्तावित ट्राइबल म्यूजियम राष्ट्रपति भवन

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