पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई अहम शांति वार्ता का पहला दिन बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। दोनों देशों के बीच दो राउंड में 21 घंटे से ज्यादा बातचीत चली लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। इस बातचीत को पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा था लेकिन शुरुआती दौर में ही गतिरोध साफ नजर आया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि समझौता न होना अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने कहा कि अमेरिका बिना किसी डील के ही लौट रहा है। वेंस ने दो टूक कहा कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को यह भरोसा देना होगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और न ही ऐसी तैयारी करेगा जिससे वह तेजी से हथियार बना सके।
इस बीच सेंटकॉम ने जानकारी दी है कि अमेरिकी युद्धपोत अहम समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने में जुट गए हैं। आरोप है कि ईरान ने इस रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही खतरे में पड़ गई है। अमेरिका ने इन्हें हटाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब था इसलिए कार्रवाई जरूरी थी। उन्होंने दावा किया कि हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है।
ईरान की ओर से वार्ता का नेतृत्व कर रहे संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ एक भावुक संदेश के साथ इस्लामाबाद पहुंचे। बताया गया कि वे अपने साथ उन बच्चों की तस्वीरें लेकर आए जो हाल ही में मिसाइल हमले में मारे गए थे। इस हमले के लिए ईरान ने अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है।
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उधर लेबनान में भी हालात सामान्य नहीं हैं। तुफाहता इलाके में हुए हमलों में 9 लोग घायल हुए हैं जिनमें 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है।