J&K विधानसभा में खामेनेई को लेकर हंगामा :पोस्टर, नारे और धक्का-मुक्की से थमी कार्यवाही

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को बजट सत्र की शुरुआत ही भारी हंगामे के साथ हुई। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के मुद्दे पर सदन का माहौल अचानक गरमा गया। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के कई विधायक हाथों में खामेनेई की तस्वीरें और पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे और इजरायल के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में बाधित हो गई और स्पीकर को करीब आधे घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं।
खामेनेई की तस्वीर लेकर पहुंचे विधायक
बजट सत्र की शुरुआत से पहले ही विधानसभा परिसर में माहौल गर्म दिखाई देने लगा था। नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के विधायकों ने ईरान के समर्थन में प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई विधायक हाथों में अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें और पोस्टर लेकर पहुंचे।
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू होने वाली थी, कुछ विधायक वेल में उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के दौरान ‘इजरायल मुर्दाबाद’ और ‘अमेरिका हाय-हाय’ जैसे नारे लगाए गए। विधायकों ने इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता तनवीर सादिक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ईरान के लोगों के साथ खड़ी है और खामेनेई की हत्या की निंदा करती है।
तनवीर सादिक बोले- हम ईरान के साथ खड़े हैं
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस तरह से ईरान के नेता को निशाना बनाया गया, वह बेहद चिंताजनक है। उनके मुताबिक किसी भी देश को दूसरे देश पर इस तरह हमला करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और जम्मू-कश्मीर की सरकार इस मुद्दे पर ईरान के साथ खड़ी है। सादिक ने यह भी कहा कि इससे पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी नागरिक समाज के कार्यक्रम में खामेनेई की हत्या की निंदा की थी। उनका कहना था कि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे हमलों की आलोचना होनी चाहिए और दुनिया के नेताओं को इस पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
काले कपड़ों में पहुंचे कुछ विधायक
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ विधायक काले कपड़ों में भी दिखाई दिए। यह काले कपड़े ईरान के प्रति एकजुटता और इजरायल के हमले के विरोध का प्रतीक बताए जा रहे थे। तनवीर सादिक भी काले कपड़ों में नजर आए और उनके माथे पर विरोध से जुड़ा संदेश लिखा हुआ था। प्रदर्शन कर रहे विधायकों ने कहा कि वे पश्चिम एशिया में जारी हिंसा और निर्दोष लोगों की मौत के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
बीजेपी विधायकों की नारेबाजी
विधानसभा के अंदर माहौल तब और ज्यादा गरमा गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक भी नारेबाजी करने लगे। बीजेपी विधायकों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए। बीजेपी विधायक जम्मू क्षेत्र में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग को लेकर भी पोस्टर लेकर आए थे। उन्होंने जम्मू को इंसाफ दो जैसे नारे लगाए और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक एक-दूसरे के सामने आ गए, जिससे सदन में शोर-शराबा और बढ़ गया।
BJP-कांग्रेस नेताओं के बीच धक्का-मुक्की
सदन में हंगामे के दौरान एक और विवाद सामने आया जब बीजेपी और कांग्रेस के विधायक आमने-सामने आ गए। बताया जा रहा है कि कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इसके जवाब में बीजेपी विधायक युद्धवीर सेठी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर टिप्पणी कर दी। उन्होंने राहुल गांधी को “पप्पू” कह दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों नेताओं के बीच धक्का-मुक्की तक हो गई। अन्य विधायकों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने की कोशिश की।
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बुलाने पड़े मार्शल, कार्यवाही स्थगित
हंगामा लगातार बढ़ता देख विधानसभा में मार्शल बुलाने पड़े। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही थी और सदन में लगातार नारेबाजी हो रही थी। करीब 20 से 25 मिनट तक चले इस हंगामे के बाद स्पीकर को मजबूर होकर सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में सदन को दोबारा शुरू किया गया। हालांकि, उस दौरान भी माहौल पूरी तरह शांत नहीं हो पाया और कई मुद्दों पर बहस जारी रही।
ईरान-इजरायल युद्ध का असर
दरअसल, यह पूरा विवाद पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से जुड़ा है। हाल ही में इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इन हमलों में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी। इसी घटना के बाद दुनिया के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए और जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी इसका असर दिखाई दिया। विरोध करने वाले विधायकों का कहना है कि, यह हमला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का उल्लंघन है और इसे लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा होनी चाहिए।
विधानसभा में बढ़ता राजनीतिक टकराव
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी स्थानीय राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। एक तरफ कुछ विधायक ईरान के समर्थन में आवाज उठा रहे थे, तो दूसरी तरफ बीजेपी विधायक राष्ट्रीय मुद्दों और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस टकराव ने सदन के माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया और बजट सत्र की शुरुआत ही हंगामे के साथ हुई।











