रामलला का सूर्य तिलक:9 मिनट तक सूर्य की किरणों से सजा ललाट, स्वर्ण पीतांबर में दिखे प्रभु श्रीराम!

अयोध्या। प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या आज पूरी तरह सज-धजकर रामनवमी मनाने के लिए तैयार है। इस खास दिन भक्त रामलला का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाने के लिए मंदिरों और गलियों में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो रही है। अयोध्या का वातावरण आज अत्यंत दिव्य और भव्य रहेगा, क्योंकि रामलला का सूर्य तिलक हुआ।
रामलला का होगा सूर्य तिलक
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम के बाल स्वरूप रामलला के मस्तक पर सूर्य की किरणें सीधे पड़ी। यह दृश्य लगभग नौ मिनट तक कायम रहा। इस अलौकिक पल को देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे ।
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, सूर्य तिलक को सही ढंग से कराने के लिए इंजीनियरों ने कई दिन मेहनत की है। रामनवमी से पहले दो-तीन ट्रायल रन किए गए, ताकि सूर्य किरणें रामलला के माथे पर सही जगह पर पड़ें। ट्रस्ट ने यह भी बताया कि आने वाले बीस साल तक यह सूर्य तिलक नियमित रूप से होगा।
धार्मिक दृष्टि से भी इसका महत्व बहुत बड़ा है। भगवान राम सूर्यवंशी थे, यानी सूर्य उनके कुलदेवता हैं। सूर्य तिलक उनके जन्मोत्सव में आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टियों से खास महत्व रखता है।
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पिछले साल के सूर्य तिलक की झलकियां
असम के सिल्क से तैयार पीतांबर में सजे
रामनवमी के अवसर पर भगवान रामलला आज विशेष रूप से पीतांबरी धारण किया। यह पोशाक असम के सिल्क से तैयार की गई है, जो रामलला की भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाया।

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रामलला का यह सिंगार अभिषेक के बाद किया। राम दरबार और राम मंदिर ट्रस्ट की देखरेख में पोशाक तैयार करने का काम मशहूर ड्रेस डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने किया है। मनीष त्रिपाठी ने कल देर शाम रामलला के लिए विशेष पोशाक का अंतिम निरीक्षण भी किया था।
रामनवमी पर अयोध्या का पूरा कार्यक्रम
अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। यहां कार्यक्रम की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- सुबह 6:30 बजे से अनुष्ठान शुरू हो गए है जो रात 11 बजे तक चलेंगे।
- मंदिर के कपाट बंद नहीं किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग दर्शन कर सकें।
- दोपहर 12 बजे भगवान राम का जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
- रामलला के मस्तक पर सूर्य की किरणें पड़ेंगी और सूर्य तिलक का अद्भुत दृश्य दिखाई देगा।
- मंदिर परिसर में LED स्क्रीन के माध्यम से लाइव प्रसारण होगा, ताकि देश-विदेश के लोग भी दर्शन कर सकें।
- रामलला को लगभग छह क्विंटल पंजीरी और 56 भोग का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।
- मंदिर में लगातार बधाई गान और भजन का आयोजन होगा।
- राम परिवार के दरबार में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन मार्ग पर मैट, छाया और अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं।
- फूल बंगला झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगा।
- शाम को मंदिर का शिखर भव्य लाइटिंग से जगमगा उठेगा।
सूर्य तिलक का विचार किसका था?
रामलला पर सूर्य तिलक करने का विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का था। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि चार साल पहले प्रधानमंत्री ने इस पर अपनी परिकल्पना व्यक्त की थी। इसके बाद वैज्ञानिकों ने तकनीकी तैयारी शुरू की। यह तकनीक न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि वैज्ञानिक कौशल का भी परिचायक है।
अयोध्या में भक्तों की भारी भीड़
रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। चैत्र राम नवमी मेला भी जारी है। मंदिर ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के अनुसार, हर दिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं।
लोग दूर-दूर से इस अनोखे नजारे का साक्षी बनने के लिए आ रहे हैं। आज का दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी बहुत खास है।
अयोध्या में हाई अलर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था
रामनवमी और सूर्य तिलक के इस ऐतिहासिक मौके पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। वरिष्ठ अधिकारी जैसे ADG जोन, कमिश्नर, IG, DIG, SSP और DM खुद निगरानी कर रहे हैं। मंदिर परिसर में SSF, CRPF, PAC और सिविल पुलिस के जवान तैनात हैं।
सुरक्षा में तकनीकी मदद के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम भी सक्रिय किया गया है, जो जमीन से लेकर आसमान तक हर गतिविधि पर नजर रखता है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुविधा और भी बेहतर बनाने के लिए दर्शन मार्ग, बैठने की व्यवस्था, छाया और पानी जैसी सुविधाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं।











