CG NEWS: जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन, 4 एजेंसियों के कॉन्ट्रैक्ट रद्द

RAIPUR NEWS। रायपुर जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बरतने वाली चार निर्माण एजेंसियों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर छह गांवों में अधूरी पड़ी नलजल योजनाओं के अनुबंध निरस्त कर दिए गए हैं। साथ ही एजेंसियों की जमा ईएमडी राशि राजसात करने और भविष्य में जल जीवन मिशन की निविदाओं में भाग लेने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
रायपुर में जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों पर सख्त कार्रवाई
रायपुर जिला प्रशासन ने जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर चार निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में सामने आया कि कई गांवों में नलजल योजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी नहीं हो सकीं, जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसियों के अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा एजेंसियों द्वारा जमा की गई अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) राशि भी राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
किन गांवों और एजेंसियों पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई के तहत विकासखंड अभनपुर के ग्राम तर्री, कन्हेरा और मुण्डरा में कार्यरत मेसर्स विष्णु प्रसाद अग्रवाल की एजेंसी का अनुबंध रद्द किया गया है। वहीं विकासखंड तिल्दा के ग्राम तुलसी, मोतिमपुरकला और तरपोंगी में कार्य कर रही मेसर्स रेखचंद अग्रवाल (जांजगीर-चांपा), मेसर्स बीआर इन्फ्रास्ट्रक्चर रायपुर तथा मेसर्स मनीश अग्रवाल रायपुर के अनुबंध भी समाप्त कर दिए गए हैं।
टेंडर प्रक्रिया से भी रहेंगी बाहर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यों में लापरवाही बरतने वाली इन एजेंसियों को भविष्य में जल जीवन मिशन के तहत जारी होने वाली निविदाओं में भाग लेने से भी वंचित किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे अन्य निर्माण एजेंसियों में जवाबदेही बढ़ेगी और परियोजनाओं का क्रियान्वयन समय पर सुनिश्चित हो सकेगा।
मार्च 2027 तक पूरा होगा लक्ष्य
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिले की सभी नलजल योजनाओं को मार्च 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाली एजेंसियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रखी जाए।












