Asaram Bapu :क्या आसाराम बापू को मिलेगी मेडिकल बेल? सुप्रीम कोर्ट में AIIMS की रिपोर्ट से बढ़ी हलचल

दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम बापू की मेडिकल बेल याचिका पर सुनवाई के दौरान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी मेडिकल रिपोर्ट पेश कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आसाराम को फिलहाल अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी (Round-the-clock Medical Attention) की आवश्यकता है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने की। अदालत ने AIIMS की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद कहा कि आसाराम की अंतरिम मेडिकल बेल याचिका पर अब 6 अगस्त को सुनवाई होगी।
AIIMS की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित AIIMS के डॉक्टरों के पैनल ने आसाराम की विस्तृत चिकित्सकीय जांच की। रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति ऐसी नहीं है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़े, लेकिन लगातार चिकित्सा निगरानी आवश्यक है। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट के पहले हिस्से में अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं बताई गई है, जबकि दूसरे हिस्से में 24 घंटे मेडिकल निगरानी की बात कही गई है। इस पर 6 अगस्त को सुनवाई करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिए थे जांच के आदेश
21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS के निदेशक को विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित कर आसाराम का विस्तृत मेडिकल परीक्षण कराने का निर्देश दिया था। उसी आदेश के बाद यह रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश की गई।
किस मामले में सजा काट रहे हैं आसाराम?
आसाराम बापू को 2013 में जोधपुर स्थित अपने आश्रम में एक नाबालिग शिष्या के साथ दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों का दोषी ठहराया गया था। मामले में आरोप था कि नाबालिग को आश्रम की कुटिया में बंधक बनाकर उसके साथ यौन शोषण किया गया और धमकाया गया। ट्रायल कोर्ट ने आसाराम के साथ दो अन्य आरोपियों संचिता शिल्पी और शरद चंद्र को भी दोषी ठहराया था। बाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी उनकी सजा और दोषसिद्धि को बरकरार रखा।
किन धाराओं में हुई है सजा?
राजस्थान हाईकोर्ट ने इस वर्ष मई में भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं, POCSO Act और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत आसाराम की दोषसिद्धि को सही माना। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की, जो अभी लंबित है।
मेडिकल बेल में क्या दलील दी गई?
आसाराम की ओर से दायर अंतरिम मेडिकल बेल याचिका में दावा किया गया कि उन्हें आंतरिक रक्तस्राव (Acute Internal Bleeding) की गंभीर समस्या है, जिसके चलते उन्हें चिकित्सकीय आधार पर राहत दी जानी चाहिए। हालांकि, राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि कुछ महीने पहले मेडिकल आधार पर मिली राहत के दौरान आसाराम काशी विश्वनाथ और अयोध्या की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने अदालत में कहा कि इन्होंने कहा था कि वे वेजिटेटिव स्टेट में हैं, लेकिन बाद में घूमते हुए दिखाई दिए।












