भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत के बाद अब प्रदेश के अन्य शहरों से भी गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। नर्मदापुरम जिले के इटारसी में एक इलाके में एक साल से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। इस बारे में एक बार फिर पार्षद ने नगर पालिका से पाइप लाइन बदलकर स्वच्छ पानी सप्लाई करने की मांग की है।
पत्र में पार्षद अमृता मनीष ठाकुर ने बताया कि न्यास कॉलोनी के नागरिक लगातार गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतें कर रहे हैं, किंतु हर बार अस्थायी सुधार के बाद समस्या पुनः जस की तस बनी रहती है। कभी टेंडर प्रक्रिया तो कभी पाइप लाइन बदलने का बहाना बनाकर कार्य को टाल दिया जाता है, जबकि वास्तविक समाधान अब तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि इस विषय में वे कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से अधिकारियों को अवगत करा चुकी हैं। इसके साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे द्वारा भी संबंधित अधिकारियों को लीकेज एवं जर्जर पाइप लाइन बदलने के निर्देश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद आज तक ठोस कार्यवाही नहीं होना नगर प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इटारसी में स्थिति को नहीं सुधारा गया, तो भविष्य में यहां भी गंभीर एवं दुर्भाग्यपूर्ण घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने नगर पालिका से संपूर्ण पाइप लाइन की तकनीकी जांच, लीकेज वाली लाइनों के तत्काल परिवर्तन तथा स्वच्छ पेयजल की सुनिश्चित आपूर्ति की मांग की है। पार्षद अमृता मनीष ठाकुर ने एक बार फिर सीएमओ को कड़ा पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया और नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है तो इसकी जवाबदारी संबंधित विभाग की होगी।

बैतूल जिले के आमला शहर में भी लोगों ने प्रदूषित पानी आने का आरोप लगाया है। आमला के जवाहर वार्ड के नागरिकों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि जलावर्धन योजना के तहत हो रही पेयजल आपूर्ति बीमारी का कारण बनती जा रही है। वार्ड के अधिकांश नलों से मटमैला, बदबूदार और संदिग्ध पानी आ रहा है, जिसे पीने को मजबूर लोग आक्रोशित हैं। बड़ी संख्या में वार्डवासी दूषित पानी की सप्लाई वाले स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन किया।
लोगों का कहना है कि गंदा पानी पीने से बच्चों और बुजुर्गों में पेट दर्द, उल्टी, बुखार जैसी शिकायतें सामने आने लगी हैं। बावजूद इसके न तो सप्लाई रोकी गई और न ही पाइपलाइन बदली गई। नागरिकों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है।नगर पालिका परिषद आमला के प्रभारी जलप्रदाय शाखा अधिकारी अरुण पंवार ने कहा कि मटमैला पानी आने की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी, केवल लीकेज की सूचना मिली थी। कर्मचारियों को भेजकर सुधार कराया जा रहा है।