Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

इटारसी में छात्रों को होटल में नजरबंद करने पर सियासत तेज, कांग्रेस नेताओं को मिलने से रोका

इटारसी में दिल्ली जा रहे छात्रों और CJP कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर होटल दा पार्क में नजरबंद किए जाने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष कन्हैया गोस्वामी और महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेहा चावरे के नेतृत्व में छात्रों से मिलने पहुंचे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को पुलिस प्रशासन ने रोक दिया।
इटारसी में छात्रों को होटल में नजरबंद करने पर सियासत तेज

इटारसी। कांग्रेस नेताओं ने छात्रों को हिरासत में लेने के आधार और उनसे मुलाकात की अनुमति नहीं देने पर सवाल उठाए हैं। कन्हैया गोस्वामी ने एसडीएम नीलेश शर्मा से फोन पर चर्चा कर छात्रों से मिलने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कांग्रेस ने छात्रों के अधिकारों का सम्मान करने, मामले में पारदर्शिता बरतने और वैधानिक आधार नहीं होने पर उन्हें रिहा करने की मांग की है।

कन्हैया गोस्वामी ने गिरफ्तारी के आधार पर उठाए सवाल

नगर कांग्रेस अध्यक्ष कन्हैया गोस्वामी ने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर छात्रों को किस अपराध के तहत गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि क्या लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा करना भी अपराध हो गया है। घटना के दौरान उन्होंने एसडीएम नीलेश शर्मा से फोन पर चर्चा कर छात्रों से मिलने की अनुमति मांगी। हालांकि, कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, प्रशासन की ओर से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

गिरफ्तारी का कानूनी आधार स्पष्ट करने की मांग

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। नेताओं ने कहा कि पुलिस तत्काल स्पष्ट करे कि छात्रों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किस कानूनी आधार पर हिरासत में लिया गया है। उन्होंने छात्रों की वर्तमान स्थिति जानने और उनकी समस्याएं सुनने के लिए कांग्रेस नेताओं को तुरंत मुलाकात की अनुमति देने की मांग की। साथ ही, हिरासत में रखे गए युवाओं के मौलिक अधिकारों का सम्मान करने और उनके साथ नियमानुसार व्यवहार सुनिश्चित करने की बात कही।

शांतिपूर्ण यात्रा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं को शांतिपूर्ण यात्रा करने और अपनी बात रखने के संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत युवाओं के साथ किसी भी तरह का भेदभाव बंद करने की मांग की। नेताओं ने पूरे मामले में पुलिस से पारदर्शिता बरतने और हिरासत का कोई ठोस वैधानिक आधार नहीं होने पर छात्रों को तत्काल रिहा करने की बात कही। इसके अलावा, जनप्रतिनिधियों को छात्रों से मिलने से रोकने का कारण बताने और नियमानुसार मुलाकात की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई।

ये भी पढ़ें: पटवारियों की मांगों पर डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल की पहल, मुख्य सचिव को भेजी नोटशीट

'युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास नहीं होना चाहिए'

महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष नेहा चावरे ने कहा कि देश के युवाओं की आवाज को इस तरह दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और प्रशासन को उनके अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने छात्रों को हिरासत में रखने और जनप्रतिनिधियों को उनसे मिलने से रोकने पर आपत्ति जताई। कन्हैया गोस्वामी ने कहा कि प्रशासन को सवालों के स्पष्ट जवाब देने चाहिए, न कि जनप्रतिनिधियों को मिलने से रोककर तानाशाही दिखानी चाहिए।

Breaking News

रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के अधिकारों की लड़ाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई करने और छात्रों से मुलाकात की अनुमति देने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया और मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अब इस मामले में प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

Tajul Khan
By Tajul Khan

Latest Posts