आज 2 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। असम में 126, केरल में 140 और पुडुचेरी में 30 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इस तरह कुल 296 विधानसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। सभी जगहों पर वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक चलेगी।
असम में कई सीटें ऐसी हैं, जो राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इनमें दिसपुर, जोरहाट, डिब्रूगढ़, नगांव, सिलचर और धुबरी शामिल हैं। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों की सीटें भी राज्य की राजनीति के लिए अहम हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मतदाताओं से मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि वे चाहते हैं कि राज्य के युवा, पुरुष और महिला मतदाता उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करें और इस चुनाव को लोकतंत्र का उत्सव बनाएं।
केरल में भी कई विधानसभा क्षेत्र चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। तिरुवनंतपुरम, नेमोम, पलक्कड़, त्रिशूर, मंजेश्वरम और कोझिकोड नॉर्थ सीटें राज्य की राजनीति की नजरों में सबसे अहम मानी जा रही हैं। इन सीटों पर बड़े नेताओं की साख दांव पर है और नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।
केरल में भी मतदान केंद्रों की सुरक्षा कड़ी है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाया है।
वोटिंग के दौरान इन राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चुनाव आयोग और स्थानीय पुलिस ने मतदान केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमों की तैनाती की है।
केंद्र शासित प्रदेश की 30 सीटें है। पुडुचेरी में कुल 30 विधानसभा सीटों पर मत डाले जा रहे हैं। यहां भी मतदान एक ही चरण में चल रहा है और सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ है।
पुडुचेरी में स्थानीय मुद्दे, जैसे विकास, रोजगार और शिक्षा, चुनावी बहस का मुख्य केंद्र हैं। मतदाता इन मुद्दों पर आधारित होकर अपने मत का निर्णय करेंगे।
आज कुछ राज्यों में उपचुनाव भी चल रहे हैं। कर्नाटक के दावणगेरे दक्षिण और बागलकोट विधानसभा क्षेत्रों, नागालैंड के कोरिडांग और त्रिपुरा के धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र में भी मतदान शुरू हो गया है।
ये उपचुनाव राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और इन क्षेत्रों की स्थानीय राजनीति पर असर डाल सकते हैं।
असम, केरल और पुडुचेरी में डाले गए वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। नतीजे आने के बाद ही साफ होगा कि कौन सी पार्टी या उम्मीदवार इन महत्वपूर्ण सीटों पर बढ़त हासिल करता है।