सुबह के समय जब लोग हर रोज की तरह नमाज का समय देखने के लिए ऐप खोल रहे थे, तभी उन्हें कुछ अलग दिखाई दिया। ऐप धार्मिक जानकारी देने की जगह अचानक राजनीतिक संदेश देने लगा। कुछ नोटिफिकेशन में लिखा था कि आपलोगों के लिए 'मदद आ गई है' और मैसेज में सुरक्षा बलों से सरकार का साथ छोड़ने की अपील भी की गई थी। साथ ही हैकर्स ने ऐप की स्क्रीन पर लिखा कि 'देशभक्तों, विरोध जारी रखो'। ऐसे मैसेज के बाद लोग असंमजस में पड़ गए कि यह नोटिफिकेशन सरकार की तरफ से है या बाहरी? थोड़े ही देर में लोगों को ऐप हैकिंग की असल जानकारी मिल गई।
साइबर हैकिंग के रूप में इजरायल ने ईरान के साथ जंग का एक नया तरीका इख्तियार कर लिया है। माना जा रहा है कि यह कोई साधारण हैकिंग नहीं, बल्कि सोची-समझी साइबर चाल हो सकती है। जिस तरह से सीधे ऐप के जरिए लोगों तक संदेश पहुंचाया गया, उससे यह तो साफ है कि इजरायल का निशाना सिर्फ टेक्नोलॉजी सिस्टम नहीं, बल्कि लोगों का आत्मविश्वास गिराना भी था। क्योंकि ईरान और इजरायल के बीच पहले से ही तनाव बड़े स्तर पर फैला हुआ है ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल, ईरान के प्रेयर एप की हैकिंग आमलोगों के बीच डर के माहौल को बढ़ाने की एक नई सोची-समझी योजना हो सकती है।
जैसे ही लोगों के पास संदेह भरे, अजीब नोटिफिकेशन आने लगे, सभी हैरान रह गए। देखते ही देखते सारे नोटिफिकेशन तूफान की तरह डिजिटल प्लेटफार्म पर फैल गए। कुछ इलाकों में इंटरनेट की रफ्तार भी धीमी हो गई। कई यूजर्स ने बताया कि नोटिफिकेशन फैलने के साथ ही ऐप कुछ देर बाद ही बंद हो गया या काम करना बंद कर दिया। लोगों में डर और गुस्सा दोनों देखने को मिला। धार्मिक ऐप में इस तरह का संदेश आना लोगों के लिए चौंकाने वाला था।
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ईरान एक धार्मिक देश है, जहां लाखों लोग अपनी रोज की इबादत के लिए मोबाइल ऐप्स पर निर्भर रहते हैं। हैकर्स जानते थे कि इस ऐप को निशाना बनाकर वे एक साथ लाखों लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। जिससे सरकार के खिलाफ आमजन में तेजी से असंतोष पैदा हो सकता है। यह हमला साफ दिखाता है कि अब जंग सिर्फ मिसाइलों तक सीमित नहीं बल्कि डिजीटल अटैक की तरफ आगे बढ़ चुका है।
ईरान ने इस हमले के पीछे इजरायल की खुफिया एजेंसी Mossad और उनकी साइबर विंग का हाथ बताया है। हालांकि इजरायल ने इस मामले में अपनी ओर से कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन जिस सफाई से यह हैकिंग की गई है, वह किसी खुफिया एजेंसी का ही काम लग रहा है। ईरान के संचार मंत्रालय ने तुरंत ऐप को ऑफलाइन कर दिया है और यूजर्स को इसे अनइंस्टॉल करने की सलाह भी दे दी है।