इंटरनेशनल डेस्क। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक सकारात्मक खबर सामने आई है। सैयद अब्बास अराघची ने ऐलान किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अब वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोल दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब किसी भी देश के जहाज को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने में रोका नहीं जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में लगातार अस्थिरता बनी हुई थी।
ईरान के विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि लेबनान में लागू सीजफायर के अनुरूप यह कदम उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सीजफायर जारी रहेगा, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहेगा। हालांकि, जहाजों को ईरान के पोर्ट और मैरीटाइम संगठन द्वारा तय किए गए मार्गों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन माना जाता है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। ऐसे में इस समुद्री मार्ग के खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की सप्लाई सुचारु रहने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
हालांकि ईरान ने इस मार्ग को खोलने के साथ-साथ अपना नियंत्रण भी बनाए रखा है। जहाजों को निर्धारित रूट का पालन करना होगा, जिससे समुद्री गतिविधियों की निगरानी बनी रहे। इस फैसले से जहां एक ओर वैश्विक व्यापार को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने साफ संकेत दिया है कि सुरक्षा और नियंत्रण के मुद्दे पर वह कोई समझौता नहीं करेगा।
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