इस्लामाबाद MoU खत्म!ईरान का ऐलान- अमेरिका ने तोड़े सभी वादे, अब हम भी किसी प्रतिबद्धता के लिए बाध्य नहीं

ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस्लामाबाद MoU खत्म होने का ऐलान कर दिया है। तेहरान ने अमेरिका पर सभी वादे तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब वह भी समझौते की किसी शर्त का पालन नहीं करेगा।
Follow on Google News
ईरान का ऐलान- अमेरिका ने तोड़े सभी वादे, अब हम भी किसी प्रतिबद्धता के लिए बाध्य नहीं
ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस्लामाबाद MoU खत्म होने का ऐलान किया

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ इस्लामाबाद MoU अब औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। ईरान ने पहली बार सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वह इस समझौते की किसी भी शर्त का पालन नहीं कर रहा है। तेहरान ने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि वॉशिंगटन ने समझौते के सभी वादों का उल्लंघन किया जिसके जवाब में ईरान ने भी अपनी सभी प्रतिबद्धताएं समाप्त कर दी हैं।

ईरान बोला- अमेरिका ने समझौते को बेकार बना दिया

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने इस्लामाबाद MoU के तहत किए गए सभी वादों को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा अमेरिका ने अपने सभी वादों का उल्लंघन किया है। इसके जवाब में हमने भी अपनी सभी प्रतिबद्धताओं पर अमल बंद कर दिया है। अब हम इस समझौते के तहत किए गए किसी भी वादे को पूरा नहीं कर रहे हैं। यह पहली बार है जब ईरान ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि इस्लामाबाद MoU अब प्रभावी नहीं रहा।

18 जून को हुआ समझौता, 30 दिन बाद खत्म

इस्लामाबाद MoU पर 18 जून को सहमति बनी थी। इसका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करना, क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना और परमाणु कार्यक्रम समेत कई विवादित मुद्दों पर बातचीत का रास्ता खोलना था। समझौते के तहत दोनों देशों ने विश्वास बहाली के उपाय, कूटनीतिक संपर्क बढ़ाने और भविष्य की वार्ताओं की रूपरेखा पर सहमति जताई थी। पाकिस्तान ने इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश किया था। हालांकि 18 जुलाई को यानी महज 30 दिन बाद यह समझौता पूरी तरह टूट गया।

ये भी पढ़ें: Skyroot Aerospace Vikram-1 Launched : स्काईरूट का पहला ऑर्बिटल मिशन लॉन्च, विक्रम-1 ने भरी ऐतिहासिक उड़ान

होर्मुज जलडमरूमध्य बना विवाद की सबसे बड़ी वजह

समझौते में सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम बनाए रखना शामिल था। लेकिन जुलाई की शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच मतभेद बढ़ने लगे। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ जहाजों पर कार्रवाई शुरू कर दी और कहा कि जहाजों को उसके तय मार्ग का पालन करना होगा। दूसरी ओर, कई जहाज ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहे थे जिसे लेकर दोनों देशों की अलग-अलग व्याख्याएं सामने आईं।

तनाव बढ़ा तो अमेरिका ने भी की जवाबी कार्रवाई

ईरानी कार्रवाई के बाद अमेरिका ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी नौसेना और उससे जुड़े जहाजों पर हमले शुरू कर दिए। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान से जुड़े कुछ तेल निर्यात राहत उपाय भी वापस लेने शुरू कर दिए। ईरान ने इसे भी इस्लामाबाद MoU का उल्लंघन बताया और अंततः समझौते से खुद को अलग करने का ऐलान कर दिया।

ये भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान तनाव: अब पानी बना नया निशाना, डिसैलिनेशन प्लांट्स पर हमलों से बढ़ा संकट

पाकिस्तान की मध्यस्थता को लगा झटका

इस्लामाबाद MoU को पाकिस्तान ने अपनी बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश किया था। लेकिन समझौते के एक महीने के भीतर ही उसके समाप्त होने से पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts