मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, इजरायल के हमले, ईरान की सख्त प्रतिक्रिया और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती चिंता के बीच तेल की कीमतों में उछाल आया है। शांति वार्ता पर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर बड़ी कार्रवाई कर सकती है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो पहले से ज्यादा बड़ी और ताकतवर लड़ाई होगी। हालांकि उन्होंने भरोसा भी जताया कि शांति समझौता संभव है और उसका पालन होगा। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिका अब पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है।
इजरायल के ताबड़तोड़ हमलों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। ईरान ने इन हमलों के बीच बातचीत को अनुचित बताया है। ईरानी संसद अध्यक्ष ने साफ कहा कि इस माहौल में शांति वार्ता मुश्किल है। ईरान ने यह भी कहा कि लेबनान को समझौते में शामिल करना जरूरी है। मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच टकराव कम होने के बजाय और जटिल होता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में शांति वार्ता क्या रंग लाती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।
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तनाव बढ़ने के साथ ही तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड और WTI दोनों की कीमतें 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई हैं। निवेशकों को डर है कि सप्लाई प्रभावित हो सकती है। एशियाई और वैश्विक शेयर बाजारों में भी इसका असर साफ दिखाई दिया है।
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होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण वैश्विक चिंता का कारण बन गया है। यह दुनिया के बड़े हिस्से की तेल सप्लाई का प्रमुख रास्ता है। ईरान जहाजों से शुल्क लेने की बात कर रहा है, जिस पर विरोध हो रहा है। ब्रिटेन समेत कई देशों ने कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और यहां फ्री नेविगेशन होना चाहिए।