नेशनल डेस्क। बिहार में शादी के नाम पर बाहर के राज्यों से युवकों को बुलाकर लूटपाट करने वाले एक संगठित गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। कम महिला अनुपात वाले राज्यों में शादी की तलाश कर रहे युवकों को निशाना बनाकर अपराधियों ने हनीट्रैप का खतरनाक नेटवर्क खड़ा कर लिया था। गिरोह के सदस्य सुंदर लड़कियों के फोटो और वीडियो कॉल के जरिए भरोसा जीतते, फिर शादी का झांसा देकर बिहार बुलाते और सुनसान जगह पर ले जाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे।
पूरा मामला पूर्णिया जिले का है, जहां पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर गिरोह की साजिश को बेनकाब कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए मोबाइल फोन, ट्रॉली बैग और घटना में इस्तेमाल की गई बोलेरो गाड़ी भी बरामद की है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से शादी के नाम पर लोगों को फंसाकर लूटपाट कर रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
गिरोह के सदस्यों ने राजस्थान के अजमेर जिले के चार लोगों को शादी कराने का भरोसा दिलाया था। लड़के के परिवार को भरोसे में लेकर उन्हें पूर्णिया जिले के बनमनखी बुलाया गया। वहां से आरोपियों ने चारों युवकों को चार पहिया वाहन में बैठाकर लड़की दिखाने के बहाने सुनसान इलाके में ले गए। जैसे ही वाहन एक निर्जन जगह पहुंचा, अपराधियों ने अपना असली चेहरा दिखाया और पीड़ितों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
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अपराधियों ने पीड़ितों से नकदी, चार मोबाइल फोन और एक ट्रॉली बैग छीन लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने डर और धमकी देकर पीड़ितों के मोबाइल से 98 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी करा लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने पीड़ितों को आधी रात सुनसान सड़क पर छोड़ दिया और फरार हो गए। अंधेरे में डरे-सहमे पीड़ित काफी देर तक मदद की तलाश में भटकते रहे।
इसी दौरान क्षेत्र में गश्त कर रही पुलिस टीम की नजर सुनसान इलाके में पैदल जा रहे चार लोगों पर पड़ी। पुलिस ने जब पूछताछ की तो पूरी घटना सामने आ गई। इसके बाद पुलिस सभी पीड़ितों को सुरक्षित बनमनखी थाना लेकर आई और मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने लूटे गए मोबाइल फोन की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी, जिससे अपराधियों तक पहुंचने में अहम सुराग मिले।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सीमांचल क्षेत्र में गरीब परिवारों से संपर्क कर उनकी लड़कियों की शादी बाहर के राज्यों में कराने का लालच देते थे। प्रयागराज की रीना देवी बाहर के राज्यों से लड़के तलाशती थी और उनसे मोटी रकम वसूलती थी। कई बार गिरोह के सदस्य अपनी ही बहू, बेटी या पत्नी के फोटो भेजकर वीडियो कॉल पर बात कराते थे, जिससे सामने वाला आसानी से भरोसा कर लेता था। बाद में जब लड़के वाले बिहार पहुंचते, तो उनकी खूब खातिरदारी की जाती और शादी दिखाने के बहाने सुनसान इलाके में ले जाकर लूट लिया जाता। कई पीड़ित बदनामी या दूरी के कारण पुलिस में शिकायत नहीं करते थे, जिसका फायदा गिरोह लंबे समय से उठा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
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जांच के आधार पर पुलिस ने टीम बनाकर सुपौल जिले में छापेमारी की, जहां से मो. कौसर खान, मो. मुमताज, मो. आरिफ खान (सभी निवासी मोहनपुर कटहारा, थाना छातापुर, जिला सुपौल), मो. मकबूल (मूल निवासी पश्चिम बंगाल, वर्तमान पता सुपौल) और रीना देवी (मूल निवासी मुजफ्फरपुर, वर्तमान पता प्रयागराज) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से चार लूटे गए मोबाइल फोन, एक ट्रॉली बैग, तीन अन्य मोबाइल और घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन बरामद किया है।