Manisha Dhanwani
17 Jan 2026
Naresh Bhagoria
15 Jan 2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ की चर्चित महिला डीएसपी कल्पना वर्मा को लेकर सरकार जल्द बड़ा फैसला ले सकती है। उनके खिलाफ तैयार की गई 1400 से अधिक पन्नों की जांच रिपोर्ट में कई गंभीर और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस रिपोर्ट में डीएसपी कल्पना वर्मा पर नक्सलियों से जुड़े खुफिया इनपुट लीक करने जैसे संगीन आरोप सामने आए हैं। जांच की पूरी फाइल अब आईजी रायपुर के पास पहुंच चुकी है और इसके आधार पर गृह विभाग एक-दो दिन में कड़ा कदम उठा सकता है। कल्पना और दीपक टंडन की 45 पेज की वाट्सऐप चैट से पता चला कि दोनों एक दूसरे के प्यार में थे, बात दीपक के तलाक तक पहुंच गई थी।

कारोबादी दीपक टंडन के मुताबिक दोनों की पहचान 2021 में हुई थी। उसके बाद दोनों के बीच संबंध गहरे हुए और कल्पना वर्मा ने पैसों की डिमांड बढ़ा दी। दीपक के अनुसार इस दौरान करीब 2 करोड़ रुपए नकद, 12 लाख की डायमंड रिंग, सोने की चेन, ब्रेसलेट और अन्य महंगे उपहार डीएसपी को दिए थे। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कल्पना वर्मा पर कारोबारी दीपक टंडन से भारी मात्रा में नकद रकम और कीमती गहने लेने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।
रिपोर्ट में कारोबारी के बैंक खातों से करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन का भी जिक्र है। इसके अलावा, कल्पना वर्मा के व्हाट्सएप चैट से नक्सल विरोधी अभियानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा किए जाने के सबूत भी सामने आए हैं, जो पुलिस नियमों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।

डीएसपी कल्पना वर्मा पिछले साल दिसंबर में उस वक्त सुर्खियों में आई थीं, जब कारोबारी दीपक टंडन ने उन पर प्रेम संबंध के जरिए दो करोड़ रुपए और महंगे उपहार ऐंठने का आरोप लगाया था। इसी विवाद के दौरान यह भी सामने आया कि कल्पना वर्मा के साथ संबंधों के चलते एक डीएफओ ने अपनी पत्नी से तलाक ले लिया था और वह उनसे विवाह करना चाहता था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दीपक टंडन से ब्रेकअप के बाद डीएसपी का अधिकांश समय उसी डीएफओ के साथ व्हाट्सएप चैट में गुजरता था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कल्पना वर्मा के मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक चैट, लेन-देन से जुड़े संदेश और होटल, कैश व जेवरात से संबंधित जानकारियां मिली हैं। इन डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच के बाद माना जा रहा है कि उनका निलंबन तय है और नौकरी पर भी संकट गहरा गया है।
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आईजी रायपुर को सौंपी गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कल्पना वर्मा संपन्न लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं और बाद में उनसे आर्थिक लाभ उठाती थीं। दंतेवाड़ा में तैनाती के दौरान भी वह अक्सर मुख्यालय से अनुपस्थित रहती थीं। जहां-जहां उनकी पोस्टिंग हुई, वहां से उनके अचानक गायब होने की शिकायतें सामने आई हैं।
विवाद के दौरान डीएसपी कल्पना वर्मा ने कारोबारी दीपक टंडन पर भी गंभीर आरोप लगाए थे और दावा किया था कि कार उन्होंने टंडन की पत्नी से वैध तरीके से खरीदी थी। हालांकि, कारोबारी की पत्नी बरखा टंडन ने सार्वजनिक रूप से डीएसपी पर आरोप लगाए थे। हालांकि कल्पना वर्मा ने महंगे तोहफे और अन्य आरोपों को नकारा है।
दोनों पक्षों की शिकायतों, डिजिटल सबूतों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर यह साफ हो गया है कि पुलिस मैन्युअल का उल्लंघन हुआ है। कुल मिलाकर, जांच रिपोर्ट के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं और उनकी नौकरी पर बड़ा खतरा मंडराता दिख रहा है।