Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

‘क्रिश्चियन कॉन्वेंट परंपरा के स्कूलों से अपने बच्चों को निकालें सनातनी’-भाजपा विधायक की सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुई नई बहस

मध्यप्रदेश के सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने सनातनी परिवारों से अपने बच्चों को क्रिश्चियन कॉन्वेंट स्कूलों और मुस्लिम मदरसों से हटाने की अपील की है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए यह बात कही और इसे समाज के हित से जोड़ा।
‘क्रिश्चियन कॉन्वेंट परंपरा के स्कूलों से अपने बच्चों को निकालें सनातनी’-भाजपा विधायक की सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुई नई बहस
सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा

भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा की एक फेसबुक पोस्ट चर्चा में है। सिरोंज से विधायक शर्मा ने सनातनी परिवारों से अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर अपील करते हुए उन्हें क्रिश्चियन कॉन्वेंट परंपरा के विद्यालयों और मुस्लिम मदरसों से हटाने की बात कही है। उन्होंने अपनी पोस्ट में दोनों तरह के शिक्षण संस्थानों का उल्लेख करते हुए इसे समाज के हित से जोड़ा है।फेसबुक पोस्ट में कही यह बात

'मदरसे में भी पढ़ रहे हों तो वहां से भी हटा लें'

विधायक उमाकांत शर्मा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'सच्चे सनातनी बंधु माता और बहन को अपने बच्चे क्रिश्चियन कॉन्वेंट परंपरा के विद्यालयों से तत्काल हटा लेना चाहिए। साथ ही यदि किसी मुस्लिम मदरसे में पढ़ रहे हो, तो वहां से भी हटा लेना चाहिए। इसी में समाज का हित है।' शर्मा ने अपनी पोस्ट में किसी विशेष स्कूल या मदरसे का नाम नहीं बताया है। पोस्ट में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि बच्चों को इन संस्थानों से हटाने के बाद उनकी शिक्षा के लिए किस तरह की व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए।

ये भी पढ़ें: इंदौर में कांग्रेस ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को बताया ‘मित्रासुर’, रीगल चौराहे पर फूंका पुतला

यूजर्स के रिएक्शन-आपकी सरकार है, बंद करवा दें ऐसे स्कूल-अस्पताल

विधायक उमाकांत शर्मा की पोस्ट पर यूजर्स ने अलग-अलग कमेंट्स किए हैं। एक यूजर राजकुमार जैन ने लिखा है केंद्र और राज्य दोनों जगह तुम्हारी सरकार है। एक कानून बनवा दो भारत के सभी ईसाई  स्कूल और अस्पताल बंद हो जाएंगे। और जो सनातनी अपने बच्चों को ईसाई संस्था या मुस्लिम संस्था में भेजे उसे विधर्मी घोषित कर जेल भेज दिया जाए। अंग्रेजी पढ़ना, बोलना, लिखना देशद्रोह माना जाए। एक अन्य यूजर सिद्धी कुशवाह ने लिखा कि विधायकजी क्रिश्चियन और कॉन्वेंट स्कूलों में सबसे ज्यादा बच्चे भाजपा नेताओं के और जो दूसरों को हिंदुत्व के लिए बातें देते हैं उनके  बच्चे कॉन्वेंट में पढ़ते हैं।लिस्ट निकलवाई जाए तो मालूम चल जाएगा।

बच्चों को स्कूल से हटना समाधान नहीं 

विधायक उमाकांत शर्मा की पोस्ट पर एक अन्य यूजर राजेश यादव ने लिखा कि विधायक जी बात तो सही है कि सनातनी स्कूलों को बढ़ावा मिलना चाहिए, पर बच्चों को स्कूल से हटाना समाधान नहीं है। समाधान ये है कि आप अपने क्षेत्र में ऐसे 2-3 शानदार सनातनी मॉडल स्कूल बनवा दीजिए जहां कॉन्वेंट से भी बेहतर अंग्रेजी और संस्कार दोनों मिलें। फिर कोई भी अभिभावक खुद-ब-खुद अपने बच्चे को कॉन्वेंट से निकाल लेगा। घोषणा से नहीं, विकल्प देने से समाज का हित होगा। वैसे भी सरकारी स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में सो पीस बनकर रह गए है, न टाइम पर कभी स्कूल खुलते है, न टाइम पर मास्टर पहुंचते हैं। सिरोंज लटेरी का हाल तो ऐसा है कई स्कूल जिनमें कक्षा 1 से लेकर आठवी तक स्कूल है सैकड़ों छात्र दर्ज है और मास्टर एक।

ये भी पढ़ें: लालकृष्ण आडवाणी की सेहत में सुधार, चेस्‍ट इन्‍फेक्‍शन के कारण भर्ती, आज होंगे डिस्चार्ज

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

Latest Posts