इंदौर में पानी बना परेशानी की वजह:बदबूदार सप्लाई से पश्चिम क्षेत्र के रहवासी चिंतित

इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई जनहानि के बाद शहरवासी पहले से ही पानी की गुणवत्ता को लेकर सतर्क हैं। ऐसे में अब पश्चिमी क्षेत्र की सैकड़ों कॉलोनियों में यशवंत सागर से पहुंच रहे बदबूदार पानी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रहवासियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से नलों से दुर्गंधयुक्त पानी आ रहा है। शिकायतों के बाद नगर निगम की टीम ने विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि यशवंत सागर में जल स्तर कम होने के कारण पानी की गुणवत्ता प्रभावित हुई थी। हालांकि हाल में हुई बारिश के बाद स्थिति में सुधार की बात कही जा रही है।
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छह पानी की टंकियों से सैकड़ों कॉलोनियों तक पहुंचती है सप्लाई
यशवंत सागर से प्रतिदिन लगभग 30 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी शहर में पहुंचाया जाता है। इस पानी से बीएसएफ, किला मैदान, पल्हर नगर, संगम नगर, गांधी नगर और जिंसी स्थित जलाशयों को भरा जाता है। इन्हीं टंकियों के माध्यम से पश्चिम क्षेत्र की सैकड़ों कॉलोनियों में पेयजल की आपूर्ति होती है। रहवासियों का कहना है कि जून के अंतिम सप्ताह से पानी में लगातार बदबू आ रही है। कई घरों में पानी का उपयोग पीने के साथ-साथ घरेलू कार्यों में भी करने से लोग बच रहे हैं। लोगों ने इसकी शिकायत नगर निगम के कंट्रोल रूम और संबंधित अधिकारियों से भी की है।
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निगम ने लिए पानी के सैंपल, रिपोर्ट का इंतजार
शिकायतें बढ़ने के बाद नगर निगम का जलकार्य विभाग सक्रिय हुआ। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही पानी की गुणवत्ता और बदबू के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
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भागीरथपुरा की घटना के बाद बढ़ी लोगों की चिंता
शहर में हाल ही में भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण हुई मौतों की घटना के बाद नागरिकों में पेयजल को लेकर पहले से ही भय का माहौल है। ऐसे में बदबूदार पानी मिलने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। रहवासियों का कहना है कि जब तक पानी पूरी तरह स्वच्छ नहीं हो जाता, तब तक निगम को नियमित मॉनिटरिंग कर पारदर्शी तरीके से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।
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जल स्तर घटने से आई समस्या : जलकार्य प्रभारी
नगर निगम के जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा ने बताया कि उन्होंने देवधरम टेकरी सहित प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यशवंत सागर में जल स्तर कम होने के कारण पानी में दुर्गंध की शिकायत मिली थी। अधिकारियों को सतर्कता के साथ निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। पानी के नमूनों की जांच कराई जा रही है। साथ ही बारिश के बाद जलाशय में नए पानी की आवक शुरू हो गई है, जिससे स्थिति में सुधार की उम्मीद है और जल्द ही पानी की आपूर्ति सामान्य होने की संभावना है।
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क्या है यशवंत सागर
यशवंत सागर गंभीर नदी पर निर्मित एक प्रमुख जलाशय है, जो इंदौर शहर से लगभग 26 किलोमीटर दूर स्थित है। करीब 2,650 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जलाशय की आधारशिला वर्ष 1930 में होलकर शासक महाराजा तुकोजीराव होलकर ने रखी थी। वर्तमान में यहां से प्रतिदिन लगभग 30 एमएलडी पानी इंदौर शहर को उपलब्ध कराया जाता है। वर्ष 2022 में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने यशवंत सागर को देश के महत्वपूर्ण रामसर वेटलैंड (आर्द्रभूमि) स्थलों में शामिल किया था। इसके बावजूद अब जल गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।












