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26 साल बाद तेल बाजार में बदलाव!सऊदी अरब ने घटाए क्रूड के दाम, पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की बढ़ी उम्मीद

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। सऊदी अरब ने एशियाई देशों के लिए तेल के दामों में बड़ी कटौती की है। इसका फायदा भारतीय तेल कंपनियों को मिल सकता है। अब आम लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की उम्मीद है।
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सऊदी अरब ने घटाए क्रूड के दाम, पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की बढ़ी उम्मीद

नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच भारत के लिए अच्छी खबर सामने आई है। सऊदी अरब ने अगस्त महीने के लिए एशियाई ग्राहकों को दिए जाने वाले कच्चे तेल के दामों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 72 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा सऊदी अरब से आयात करता है, ऐसे में इस कटौती का असर भारतीय तेल कंपनियों पर पड़ सकता है। इससे पेट्रोल और डीजल के दाम कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।

26 साल में की सबसे बड़ी कटौती

Saudi Arabia की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने एशियाई देशों के लिए अरब लाइट क्रूड ऑयल की कीमत में 11 डॉलर प्रति बैरल की कटौती करने का फैसला लिया है। यह पिछले करीब 26 वर्षों में सबसे बड़ी कटौती मानी जा रही है। कीमतों में कमी से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को सीधा फायदा मिलने की संभावना है।

भारत को क्यों मिलेगा फायदा

भारत रूस के बाद सबसे ज्यादा कच्चा तेल सऊदी अरब से खरीदता है। तेल के दाम कम होने से भारतीय तेल कंपनियों की लागत घट सकती है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें लंबे समय तक कम बनी रहती हैं, तो कंपनियां इसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचा सकती हैं।

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होर्मुज स्ट्रेट खुलने से बढ़ी सप्लाई

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होना भी माना जा रहा है। संघर्ष विराम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है। यह रास्ता दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई मार्गों में शामिल है।

तेल सप्लाई बढ़ने से घटे दाम

होर्मुज मार्ग प्रभावित होने के दौरान तेल कंपनियों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा था, जिससे परिवहन खर्च बढ़ गया था। अब स्थिति सामान्य होने के बाद सऊदी अरब ने अपने प्रमुख बंदरगाहों से तेल की सप्लाई बढ़ा दी है। बाजार में ज्यादा मात्रा में तेल उपलब्ध होने से कीमतों पर दबाव कम हुआ है और कच्चे तेल के भाव नीचे आए हैं।

OPEC+ के फैसले का भी असर

सऊदी अरब और रूस की अगुवाई वाले तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC+ ने भी उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। उत्पादन बढ़ने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता और ज्यादा हो सकती है। इससे आने वाले समय में तेल की कीमतों में और नरमी आने की संभावना बनी हुई है।

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पेट्रोल-डीजल सस्ता होने पर नजर

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत कम होंगे या नहीं, यह तेल कंपनियों के फैसले पर निर्भर करेगा। कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों, टैक्स और अन्य खर्चों को ध्यान में रखकर कीमतें तय करती हैं।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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