इंदौर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार की जनसुनवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने प्रशासनिक सिस्टम की पोल खोल दी। एक बुजुर्ग महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर उसकी जमीन हड़पने का सनसनीखेज आरोप लगा है।
सांवेर तहसील की रहने वाली गीताबाई ने प्रशासन के सामने दर्द बयां करते हुए आरोप लगाया कि सरपंच कार्यालय की मिलीभगत से उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर दिया गया। हैरत की बात यह है कि इस फर्जीवाड़े के आधार पर उसकी करीब पौने दो बीघा जमीन किसी और के नाम चढ़ा दी गई। महिला ने साफ तौर पर आरोप लगाया कि जय बजाज नामक व्यक्ति ने उसे कागजों में मृत दिखाकर जमीन पर कब्जा जमा लिया।
मामला यहीं नहीं थमा। गीताबाई के बेटे हरिराम ने आरोप लगाया कि जब वह अपनी जमीन देखने पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। हरिराम का कहना है कि वह शिकायत लेकर थाने भी गया, लेकिन पुलिस ने उसकी फरियाद को नजरअंदाज कर दिया। इससे पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी कटघरे में आ गई है।
न्याय की उम्मीद में हरिराम अपनी मां को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और पूरी आपबीती सुनाई।मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिंदा इंसान को कागजों में मृत दिखाकर जमीन हड़पने का यह मामला न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि बेहद गंभीर भी है।