16 साल से श्मशान की रसीद संभाले बैठी विधवा:नहीं मिला मृत्यु प्रमाण पत्र

इंदौर कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को सरकारी तंत्र की सुस्ती और लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। एक विधवा महिला पिछले 16 वर्षों से अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है। हैरत की बात यह है कि उसके पास अंतिम संस्कार की श्मशान रसीद से लेकर अन्य जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक उसे मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल सका।
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2011 में हुई पति की मौत, 2026 में भी नहीं मिला प्रमाण पत्र
आवेदिका सपना निगवाल ने जनसुनवाई में बताया कि वर्ष 2011 में उनके पति का निधन हो गया था। अंतिम संस्कार विधिवत कराया गया था और उसकी श्मशान रसीद आज भी उनके पास सुरक्षित है। आधार कार्ड सहित सभी आवश्यक दस्तावेज भी कई बार संबंधित विभागों को जमा किए जा चुके हैं। इसके बावजूद नगर निगम और अन्य कार्यालयों के लगातार चक्कर लगाने के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। महिला ने बताया कि इस एक दस्तावेज के अभाव में उन्हें बैंकिंग कार्य, कानूनी प्रक्रियाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने और जल्द से जल्द मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
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"कलेक्टर साहब... मुझे मेरी पत्नी से बचाइए"
जनसुनवाई में एक और अनोखा मामला सामने आया। पटेल नगर निवासी गणेश बघेल ने कलेक्टर से अपनी पत्नी और उसके परिजनों से सुरक्षा दिलाने की मांग की। आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी सोनिया अहिरवार और उसके परिजन उन्हें तथा उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार कई बार घर पहुंचकर विवाद और मारपीट की गई तथा झूठे दहेज प्रकरण में फंसाने की धमकियां भी दी गईं। गणेश ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
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"मेरी पत्नी को वापस दिलवा दीजिए"
जनसुनवाई में एक युवक ने अपनी पत्नी को वापस दिलाने की मांग भी की। महू क्षेत्र के कुशलगढ़ निवासी मुकेश डांगर ने आरोप लगाया कि उसके ससुर उसकी पत्नी को अपने पास रखे हुए हैं और उसे वापस नहीं भेज रहे। मुकेश के अनुसार उसने 31 मार्च 2026 को सामाजिक रीति-रिवाजों से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद ससुराल पक्ष उसकी पत्नी को कुछ पारिवारिक रस्मों के नाम पर अपने साथ ले गया, लेकिन अब उससे मिलने तक नहीं दिया जा रहा।












