इंदौर। 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। करीब 23,160 परीक्षार्थियों के लिए बनाए गए 57 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निर्बाध बिजली, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में साफ कर दिया गया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का फोकस इस बार परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, शांति और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर है, ताकि हर परीक्षार्थी बिना किसी परेशानी के अपना एग्जाम दे सके।
नीट यूजी 2026 परीक्षा के लिए इंदौर जिले में कुल 57 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन केंद्रों पर 23,160 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जो इस आयोजन को बड़े पैमाने की परीक्षा बनाता है। इतनी बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने केंद्रों की व्यवस्थाओं का सूक्ष्म स्तर पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि वे भी बिना किसी बाधा के परीक्षा दे सकें।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सुरक्षा और गोपनीयता सबसे अहम होती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस विभाग को हर परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, परीक्षा के दौरान भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और केंद्रों के आसपास शांति बनाए रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है।
इसके अलावा, परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री को सुरक्षित रूप से बैंक लॉकर से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए पुलिस एस्कॉर्ट की व्यवस्था की गई है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहे।

परीक्षा के दौरान बिजली की कोई समस्या न हो, इसके लिए विद्युत विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने साफ कहा है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, हर केंद्र पर पावर बैकअप की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में परीक्षा प्रभावित न हो। तकनीकी दृष्टि से भी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, जिससे परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। यह कदम विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि छोटी-सी तकनीकी गड़बड़ी भी हजारों परीक्षार्थियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
नीट परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर चिकित्सा दल की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा, एम्बुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि परीक्षा के दौरान किसी भी छात्र को स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े और यदि कोई समस्या आती भी है, तो उसका तत्काल समाधान किया जा सके।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश को लेकर भी सख्त नियम लागू किए जाएंगे। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही केंद्रों में प्रवेश की अनुमति होगी, जिससे परीक्षा का माहौल शांत और नियंत्रित बना रहे। परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग NTA के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। इसके तहत हर छात्र की जांच पूरी सतर्कता के साथ की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या नकल की संभावना को खत्म किया जा सके। इसके अलावा, केंद्रों पर निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी केंद्रों के आसपास स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परीक्षा के दिन ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति न बने, इसके लिए पहले से ही प्लान तैयार किया जा रहा है।
इस पूरी तैयारी का सबसे अहम पहलू विभिन्न विभागों के बीच समन्वय है। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आपसी तालमेल के साथ काम करें, ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए। पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और नगर निगम सहित सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को लेकर सक्रिय हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा को पूरी तरह सफल और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जाए।
कुल मिलाकर, इंदौर में नीट यूजी 2026 परीक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक और मजबूत तैयारियां की हैं। सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य, बिजली से लेकर साफ-सफाई और ट्रैफिक तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा के सख्त निर्देशों और सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी और बिना किसी बाधा के संपन्न हो। यह तैयारी न केवल प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि परीक्षार्थियों के लिए एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।