
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामला फिर से सुखियों में आ गया है। इस मामले में सोमवार को इंदौर कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में गठित एसआईटी की ओर से एक आवेदन प्रस्तुत किया गया। वहीं, इस पूरे मामले में अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का भी नाम आ रहा है। सरकारी वकील ने कोर्ट में कहा- कमलनाथ जांच में सपोर्ट नहीं कर रहे हैं। फिलहाल, अब इस मामले की 10 फरवरी को इंदौर की जिला कोर्ट में सुनवाई होगी।
SIT प्रमुख बदलने से दो बिंदुओं पर नहीं हुए जवाब पेश
आज इंदौर की स्पेशल कोर्ट में हनी ट्रैप मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट के समक्ष सरकारी वकील नितिन ननेंरिया ने तीन बिंदुओं को लेकर आवेदन कोर्ट के समक्ष पेश किया। SIT प्रमुख बदलने के कारण तीन में से दो बिंदुओं के जवाब पेश नहीं हो सके। जिसमें कहा गया कि आरोपी रूपाली अहिरवार के पास एक मोबाइल है, जिसे जब्त करना है। इसके साथ ही 173 सीआरपीसी के तहत भी एप्लीकेशन लगाई है।
कमलनाथ के बंगले पहुंची थी टीम
सरकारी वकील नितिन ननेंरिया ने यह भी जानकारी दी है कि पिछले दिनों कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि उनके पास हनी ट्रैप से जुड़े पेनड्राइव और सीडी है। जिसमें मामले के सबूत हैं। जिसको लेकर एसआईटी ने इस पूरे मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक नोटिस जारी कर कहा था कि वह सीडी और पेनड्राइव एसआईटी को दे दें। टीम ने नोटिस जारी कर उन्हें बंगले पर ही रहने की बात कही थी। जिसके बाद एसआईटी की टीम कमलनाथ के बंगले पर गई तो वह नहीं मिले। इसको लेकर वकील ने कहा कि कमलनाथ एसआईटी को जांच में सपोर्ट नहीं कर रहे हैं।
क्या है मामला
इस मामले में करीब 3 साल पहले इंदौर की पलासिया पुलिस ने नगर निगम के अधिकारी हरभजन सिंह की शिकायत पर भोपाल की महिलाओं सहित एक युवक के खिलाफ हनी ट्रैप की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। साल 2019 में सामने आए हनी ट्रैप कांड मामले में प्रदेश के एक दर्जन से अधिक नेता, 20 से ज्यादा आईएएस-आईपीएस अफसर, कई रसूखदार व्यवसायी और 100 से अधिक सेक्स वीडियो बनाए जाने की खबर है। कमलनाथ की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हनी ट्रैप कांड सामने आया था।देखें वीडियो
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