जेफरी एप्सटीन का नाम आते ही उसके वे तमाम काले कारनामे लोगों के मन में दोबारा रिफ्रेश हो रहे हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। उसके झांसे में कई बड़े और प्रभावशाली लोग भी आ गए थे। हाल ही में एक शाही परिवार की करीबी महिला के इलेक्ट्रॉनिक पत्र सामने आए हैं, जिनमें यह सामने आया है कि वह एप्सटीन को इतना पसंद करती थीं कि उसके साथ बच्चा पैदा करने की इच्छा तक जता चुकी थीं।
हाल ही में खबरें सामने आई कि जर्मनी में जन्मी निवेशक और काउंटेस निकोल जंकरमैन को जेफरी एप्सटीन से जुड़े नए खुलासों के बाद अपने सार्वजनिक दायित्वों से रिजाइन दिया है। अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ों में यह सामने आया कि जंकरमैन कई वर्षों तक एप्सटीन के साथ इलेक्ट्रॉनिक पत्रों के माध्यम से संपर्क में रही थीं।
जब उनका नाम इन फाइलों में सामने आया, तो बढ़ते विवाद और सार्वजनिक दबाव के बीच उन्होंने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित रॉयल मार्सडेन कैंसर चैरिटी के न्यासी मंडल से इस्तीफा दे दिया। निकोल जंकरमैन एक काउंटेस हैं और उनका शाही परिवार से करीबी संबंध रहा है।

निकोल जंकरमैन एक जानी-मानी उद्योगपति हैं और एक निवेश कंपनी की संस्थापक हैं। वह लंबे समय से निवेश और व्यापार जगत में सक्रिय रही हैं।
वह लंदन में रहकर प्रौद्योगिकी, जैव चिकित्सा और वित्त क्षेत्र से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।
वहीं 2023 के अंत में उन्हें रॉयल मार्सडेन कैंसर चैरिटी का न्यासी नियुक्त किया गया था, जो ब्रिटेन के प्रमुख कैंसर अस्पताल रॉयल मार्सडेन से संबद्ध है।
निकोल का शाही परिवार से भी गहरा संबंध रहा है। वह एक काउंटेस हैं, यानी उनका परिवार शाही क्रम में दूसरे स्थान पर आता है।
हाल ही में जारी एप्सटीन से जुड़े दस्तावेज़ों में जंकरमैन का नाम कई बार सामने आया है। विभिन्न मीडिया खबरों के अनुसार, उनके और जेफरी एप्सटीन के बीच लगभग दो दशकों तक इलेक्ट्रॉनिक पत्रों के माध्यम से संवाद होता रहा। इनमें से कुछ संदेश वर्ष 2008 में एप्सटीन को सजा मिलने के बाद के भी बताए जा रहे हैं।
एक मैसेज में जंकरमैन ने पर्सनल, जोशीले और इमोशनल शब्दों का इस्तेमाल किया था। यहां तक कि एक इलेक्ट्रॉनिक पत्र में यह भी लिखा गया था, “क्या तुम मेरे साथ संतान पैदा करोगे?” इस संदेश के सामने आने के बाद दोनों के रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए।
इन दस्तावेजों में रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी का नाम भी सामने आया है। दस्तावेजों के अनुसार, 2017 से 2019 के बीच जेफरी एप्सटीन और अनिल अंबानी के बीच इलेक्ट्रॉनिक पत्रों और त्वरित संदेशों के माध्यम से कई बार बातचीत हुई। इन बातचीतों में कंपनी स्तर की वित्तीय व्यवस्था, रक्षा क्षेत्र से जुड़े विषयों और विभिन्न बैठकों की चर्चा दिखाई देती है।
जारी अभिलेखों में 20 अप्रैल 2019 की एक बातचीत का उल्लेख है, जिसमें अनिल अंबानी ने कथित तौर पर एप्सटीन से कंपनी स्तर पर वित्तीय व्यवस्था कराने में सहायता को लेकर सवाल किया था।
इन संदेशों से संकेत मिलता है कि उस समय अंबानी निजी और कंपनी से जुड़ी पूंजी जुटाने के विकल्पों पर सलाह और संपर्क तलाश रहे थे। दस्तावेज यह भी दर्शाते हैं कि दोनों के बीच रक्षा क्षेत्र में संभावित व्यावसायिक अवसरों को लेकर बातचीत हुई थी।