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हिमंता वीडियो मामले में SC ;'कोर्ट को प्लेग्राउंड न बनाए', इलेक्शन से पहले कोर्ट का दरवाजा खटखटाना ट्रेंड बन गया

असम में आने वाले विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि समस्या यह है कि चुनाव का एक हिस्सा उससे पहले लड़ा जाता है। जो ठीक नहीं है।
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'कोर्ट को प्लेग्राउंड न बनाए', इलेक्शन से पहले कोर्ट का दरवाजा खटखटाना ट्रेंड बन गया
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ एक वायरल वीडियो को लेकर कार्रवाई की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। वीडियो में मुख्यमंत्री को एक विशेष समुदाय के लोगों पर राइफल से निशाना लगाते और गोली चलाते हुए दिखाया गया था।

    चुनाव से पहले कोर्ट का दरवाजा खटखटाना ट्रेंड बन गया- CJI

    CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को गुवाहाटी उच्च न्यायालय जाने को कहा। हालांकि, शीर्ष न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि चुनाव से पहले अदालत का दरवाज़ा खटखटाना एक चलन बन गया है और न्यायालय को खेल का मैदान नहीं बनाया जाना चाहिए।

    चुनाव से पहले एक मुद्दा न्याय के लिए आ जाता है- SC

    असम में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए SC ने कहा कि समस्या यह है कि चुनाव का एक हिस्सा उससे पहले ही लड़ा जाने लगता है, जो गलत है। दरअसल SC असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ दायर तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। इनमें से दो याचिकाएं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से दायर की गई थीं, जबकि तीसरी याचिका असम के चार नागरिकों द्वारा संयुक्त रूप से दाखिल की गई थी।

    ये भी पढ़ें: पुलिस के पास पहुंचे ओवैसी... असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

    हाई कोर्ट में भी अच्छे वकील मौजूद- CJI

    इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय खरीदारी की तरह आने की आसान जगह नहीं है, केवल इसलिए कि सभी वरिष्ठ अधिवक्ता यहीं मौजूद हैं। वहां भी अच्छे अधिवक्ता उपलब्ध हैं। यह उच्च न्यायालय के अधिकार को कमजोर करने की एक सोची-समझी कोशिश है।” उन्होंने आगे कहा, “आपको किसी अन्य उच्च न्यायालय, विशेष रूप से गुवाहाटी उच्च न्यायालय, भेजना कोई गंभीर आरोप नहीं है, जिसे मैं पूरी तरह अस्वीकार करता हूं। मुझे पूरे देश में न्यायिक प्रशासन की जिम्मेदारी का ध्यान रखना होता है।”

    सीनियर वकील- 'असम CM' लोगों का हौसला तोड़ रहे

    चीफ जस्टिस की ओर से “उच्च न्यायालय का मनोबल तोड़ने” वाली टिप्पणी पर वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री “संविधान और पूरे समुदाय का मनोबल तोड़ रहे हैं।” मामले पर बहस करते हुए उन्होंने कहा, “यदि इस पर सुनवाई नहीं हुई तो लोगों के अधिकार कमजोर हो जाएंगे। यह मौजूदा मुख्यमंत्री हैं, जो जमीन न देने की बात कह रहे हैं। हम पुलिस मामला दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में यदि मुझे किसी अन्य उच्च न्यायालय भेजा जाता है, तो भेज दीजिए।”

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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