कॉलेज के बाहर मनचलों का आतंक:छात्राओं ने कलेक्टर से लगाई सुरक्षा की गुहार

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ और स्मार्ट शहरों में शुमार इंदौर में अब छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर के गर्ल्स डिग्री कॉलेज की छात्राएं बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और कॉलेज परिसर के बाहर बढ़ रही छेड़छाड़ एवं अश्लील हरकतों की शिकायत करते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज के बाहर रोजाना कुछ असामाजिक तत्व मंडराते हैं और उनका पीछा करते हैं। मनचले छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करने के साथ अश्लील इशारे करते हैं। इतना ही नहीं, मोबाइल पर न्यूड फोटो और अश्लील वीडियो दिखाकर परेशान करते हैं। छात्राओं का आरोप है कि कुछ युवक सार्वजनिक स्थानों पर अशोभनीय हरकतें करते हुए अपने निजी अंगों का प्रदर्शन भी करते हैं, जिससे छात्राओं में भय का माहौल बना हुआ है।
छात्राओं का कहना है कि कॉलेज में करीब 10 हजार छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उनका दावा है कि पिछले तीन वर्षों से इस समस्या को लेकर पुलिस और प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन शुरुआती कार्रवाई के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है और मनचले फिर सक्रिय हो जाते हैं।
ज्ञापन के माध्यम से छात्राओं ने कॉलेज परिसर और आसपास स्थायी पुलिस बल की तैनाती, नियमित पेट्रोलिंग, सीसीटीवी कैमरे लगाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि जब तक लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकेगी।
इस मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा ने छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे तथा छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
क्या था ज्ञापन में -
ज्ञापन में कहा गया कि कलेक्टर कार्यालय के आसपास स्थित कन्या विद्यालय और कन्या महाविद्यालय के क्षेत्र में आए दिन छात्राओं के साथ छेड़छाड़, अभद्रता और अश्लील हरकतों की शिकायतें सामने आती हैं। कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए हैं। छात्राओं का कहना है कि कलेक्टर कार्यालय से वैष्णो धाम तक का क्षेत्र महिलाओं के लिए संवेदनशील बना हुआ है। आसपास शराब दुकानों की मौजूदगी भी असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। ज्ञापन में छात्रहित से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। छात्राओं ने कहा कि इंदौर को शिक्षा नगरी कहा जाता है, जहां प्रदेशभर से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। ऐसे में महापौर बस पास योजना समाप्त कर पास शुल्क 600 और 1200 रुपये करना आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ है। सीमित संसाधनों वाले छात्र-छात्राओं के लिए सिटी बस ही आवागमन का सबसे सुलभ साधन है। बढ़ा हुआ शुल्क उनकी शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।












