इंदौर। शहर के लव कुश चौराहे पर बन रहा सिक्स लेन लेवल-2 फ्लायओवर अब अपने सबसे अहम और तकनीकी रूप से जटिल चरण में पहुंच गया है। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने देर रात सटीक प्लानिंग और हाईटेक मशीनों की मदद से 400 मीट्रिक टन वजनी ‘बो-स्ट्रिंग’ स्पान को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। ट्रैफिक को प्रभावित किए बिना अंजाम दिया गया यह ऑपरेशन इंजीनियरिंग का शानदार नमूना माना जा रहा है।
आईडीए के सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के अनुसार, 1452 मीटर लंबे इस मेगा फ्लायओवर में 19 सेगमेंटल स्पान, चार कंपोजिट गर्डर और दो विशाल बो-स्ट्रिंग स्पान शामिल हैं। इनमें से पहले 65 मीटर लंबे स्पान को जमीन से करीब 23 मीटर ऊंचाई पर स्थापित किया गया। इस दौरान करीब 800 मीट्रिक टन स्टील स्टेजिंग और भारी गर्डर का इस्तेमाल किया गया, जबकि 600 टन और 300 टन क्षमता की क्रेनों ने इस विशाल ढांचे को हवा में थामे रखा।
स्पान लॉन्चिंग के लिए अत्याधुनिक पीटीएफई (PTFE) पुलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें तीन विंच मशीनों की मदद से स्ट्रक्चर को खींचकर सटीक जगह पर फिट किया गया। पहली लॉन्चिंग के साथ ही अब दूसरी बो-स्ट्रिंग स्पान पर भी काम तेज कर दिया गया है।
करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह फ्लायओवर मध्यप्रदेश में अपने प्रकार का पहला ‘बो-स्ट्रिंग आर्च’ ब्रिज प्रोजेक्ट माना जा रहा है। आमतौर पर इस तरह की तकनीक बड़े महानगरों—जैसे दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद—के हाई-ट्रैफिक कॉरिडोर में देखने को मिलती है, लेकिन अब इंदौर भी इस हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर की कतार में शामिल हो गया है।फ्लायओवर के पूरा होते ही उज्जैन रोड की ओर जाने वाला ट्रैफिक पूरी तरह से व्यवस्थित होगा और शहर को जाम की बड़ी समस्या से राहत मिलेगी।