🌤️
--Bhopal, India

PlayBreaking News

बीसी-चिटफंड के नाम पर 3.10 करोड़ की ठगी: क्राइम ब्रांच ने तीन शातिर आरोपियों को दबोचा

मोटे मुनाफे का लालच देकर 2022 से चला रहे थे बीसी और चिटफंड का खेल, 3.10 करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में तीन आरोपी गिरफ्तार; बैंक खातों और संपत्तियों की जांच शुरू
Follow on Google News
 क्राइम ब्रांच ने तीन शातिर आरोपियों को दबोचा
क्राइम ने आरोपी को किया गिरफ्तार

इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने बीसी (बीसी फंड) और चिटफंड योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपियों ने वर्ष 2022 से 2025 के बीच सुनियोजित तरीके से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर करीब 3 करोड़ 10 लाख 62 हजार रुपये हड़प लिए। रकम वापस मांगने पर पीड़ितों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।

ये भी पढ़ें: दौसा हादसे ने उजाड़ दिए परिवार: आज होगा अंतिम संस्कार; प्रत्यक्षदर्शी बोली- आंखों के सामने जिंदा जलता रहा चालक

क्राइम ब्रांच ने मामले में अपराध क्रमांक 93/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 112(2), 316(2), 318(4) और 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर संगठित आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों में नरेश पिपले उर्फ गुड्डू, निवासी खातीपुरा, शोएब अब्बासी, निवासी खजराना और कपिल गोलिया, निवासी सुभाष नगर, मल्हारगंज शामिल हैं। नरेश आर्टिफिशियल ज्वेलरी, शोएब जयपुरी चिड़ियों और कपिल फर्नीचर के व्यवसाय से जुड़ा होना बताया गया है।

ये भी पढ़ें: 'राहुल' बनकर पहुंचा, मोहम्मद निकला: गायिका ने लगाए दुष्कर्म और बंधक बनाने के आरोप

क्राइम ब्रांच के अनुसार, पीड़ित विकास धुलधोये, मनोज उर्फ कालू, अरुण बड़के, हरीश राजौरा, वीर सिंह अहिरवार, विजय दीवान, राजू पिपले, अनुराग बड़, विजेंद्र अहिरवार, मनोज राठौर, सूरज सोनी सहित अन्य लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी नरेश पिपले अपने साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग नामों से बीसी फंड और चिटफंड योजनाएं संचालित कर रहा था।

ये भी पढ़ें: MP News : मप्र में सस्ते मकानों का एरिया 645 वर्ग फीट होगा, FAR 3 किया जाएगा

आरोपियों ने व्यापार में अधिक मुनाफा और निवेश पर बेहतर रिटर्न का झांसा देकर लोगों से किस्तों और नकद के रूप में बड़ी रकम जमा करवाई। जब निवेशकों का भुगतान करने का समय आया तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।

ये भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की रिमांड मंजूर

क्राइम ब्रांच ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस उनके बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, चल-अचल संपत्तियों और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही धोखाधड़ी की रकम और उससे खरीदी गई संपत्तियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

Latest Posts