बीसी-चिटफंड के नाम पर 3.10 करोड़ की ठगी: क्राइम ब्रांच ने तीन शातिर आरोपियों को दबोचा

इंदौर। इंदौर क्राइम ब्रांच ने बीसी (बीसी फंड) और चिटफंड योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपियों ने वर्ष 2022 से 2025 के बीच सुनियोजित तरीके से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर करीब 3 करोड़ 10 लाख 62 हजार रुपये हड़प लिए। रकम वापस मांगने पर पीड़ितों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।
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क्राइम ब्रांच ने मामले में अपराध क्रमांक 93/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 112(2), 316(2), 318(4) और 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर संगठित आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों में नरेश पिपले उर्फ गुड्डू, निवासी खातीपुरा, शोएब अब्बासी, निवासी खजराना और कपिल गोलिया, निवासी सुभाष नगर, मल्हारगंज शामिल हैं। नरेश आर्टिफिशियल ज्वेलरी, शोएब जयपुरी चिड़ियों और कपिल फर्नीचर के व्यवसाय से जुड़ा होना बताया गया है।
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क्राइम ब्रांच के अनुसार, पीड़ित विकास धुलधोये, मनोज उर्फ कालू, अरुण बड़के, हरीश राजौरा, वीर सिंह अहिरवार, विजय दीवान, राजू पिपले, अनुराग बड़, विजेंद्र अहिरवार, मनोज राठौर, सूरज सोनी सहित अन्य लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी नरेश पिपले अपने साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग नामों से बीसी फंड और चिटफंड योजनाएं संचालित कर रहा था।
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आरोपियों ने व्यापार में अधिक मुनाफा और निवेश पर बेहतर रिटर्न का झांसा देकर लोगों से किस्तों और नकद के रूप में बड़ी रकम जमा करवाई। जब निवेशकों का भुगतान करने का समय आया तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।
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क्राइम ब्रांच ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस उनके बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, चल-अचल संपत्तियों और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही धोखाधड़ी की रकम और उससे खरीदी गई संपत्तियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।












