
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों बड़े Aviation Crisis का सामना कर रही है। लगातार फ्लाइट्स रद्द होने और यात्रियों की परेशानियों के बाद अब DGCA ने कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। इसी Aviation Crisis को देखते हुए DGCA ने एयरलाइन की सुरक्षा और ऑपरेशनल सिस्टम की निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों को सस्पेंड कर दिया है। इस संकट पर काबू पाने के लिए DGCA ने इंडिगो की गहन जांच और रोजाना निगरानी की व्यवस्था भी शुरू कर दी है।
DGCA की शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया कि, इंडिगो के हालिया ऑपरेशनल संकट में सुरक्षा और मॉनिटरिंग से जुड़ी कई बड़ी चूक थीं। चारों सस्पेंड इंस्पेक्टर एयरलाइन के ऑपरेशनल चेक, सेफ्टी ओवरसाइट और कम्प्लायंस की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इन कमियों के कारण हजारों यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे और देशभर में भारी अव्यवस्था हुई।

एविएशन वॉचडॉग ने अब एयरलाइन के गुरुग्राम हेडक्वार्टर में अपने अधिकारियों को तैनात कर दिया है। ये अधिकारी फ्लाइट कैंसलेशन, क्रू डिप्लॉयमेंट, रिफंड प्रोसेस, प्रभावित रूट्स और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस की मॉनिटरिंग करेंगे। इसके अलावा, DGCA की टीम 11 डोमेस्टिक एयरपोर्ट्स पर ऑन-साइट इंस्पेक्शन भी करेगी।
इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को DGCA ने लगातार दो दिन हाई लेवल कमेटी के सामने पेश होने के लिए बुलाया है। कमेटी एयरलाइन में 2 दिसंबर से शुरू हुए भारी ऑपरेशनल संकट के कारणों, पायलट शेड्यूलिंग, स्टाफ की कमी, और FDTL नियमों के प्रभाव पर विस्तृत पूछताछ कर रही है।
इंडिगो ने पिछले हफ्ते से पूरे देश में हजारों फ्लाइट्स रद्द की हैं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और एयरलाइन को माफी तक मांगनी पड़ी। इंडिगो के विंटर शेड्यूल में भी 10% कटौती कर दी गई है, जिससे रोजाना ऑपरेट होने वाली 2300 फ्लाइट्स घटकर लगभग 2100 के आस-पास रह गई हैं।
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नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों से पायलटों का साप्ताहिक रेस्ट समय बढ़ा, नाइट शिफ्ट में बदलाव, लगातार नाइट ड्यूटी पर रोक, नाइट लैंडिंग की संख्या कम, लंबी उड़ानों के बाद लंबा रेस्ट जैसे बदलाव लागू हुए। इन नियमों के बाद एयरलाइन के पास पर्याप्त पायलट और क्रू नहीं रहे, जिससे शेड्यूल बुरी तरह बिगड़ गया।
एयरलाइन का कहना है कि, तकनीकी गड़बड़ियां, सर्दी का मौसम, एयरपोर्ट भीड़, शेड्यूल में बदलाव और नए क्रू रोस्टर नियम इस संकट के मुख्य कारण हैं। हालांकि, विशेषज्ञ इसे एयलाइन के मिसमैनेजमेंट और कम प्लानिंग से भी जोड़ रहे हैं।
इंडिगो ने राहत देते हुए सभी कैंसिल फ्लाइट्स पर फुल रिफंड, फ्री री-बुकिंग, 3-5 दिसंबर के बीच प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपए का वाउचर, 24 घंटे से कम नोटिस पर रद्द उड़ानों पर ₹5,000-₹10,000 का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
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