भारतीय मसाला चाय का ग्लोबल जलवा :दुनिया में हासिल किया नंबर-1 ताज, जापान सहित कई देशों को छोड़ा पीछे

भारत में चाय का रिश्ता सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है। चलो, चाय पर बात करते हैं जैसे वाक्य बताते हैं कि यह बातचीत, रिश्तों और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। सड़क किनारे चाय की दुकान से लेकर घर की रसोई तक, हर कप के साथ एक अलग कहानी जुड़ी होती है।
दुनिया में हासिल किया नंबर-1 ताज, जापान सहित कई देशों को छोड़ा पीछे

भारत में चाय सिर्फ सिर्फ दिन की शुरुआत नहीं करती बल्कि, दो रूठे लोगों को मनाने की एक जगह, लोगों को जोड़ने का एक बेहतर जरिया बनती है, साथ ही यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। सुबह की शुरुआत से लेकर दोस्तों की बातचीत और मेहमाननवाजी तक, चाय हर मौके पर मौजूद रहती है। अब भारतीयों के इसी पसंदीदा स्वाद को वैश्विक पहचान मिली है। इंटरनेशनल फूड एंड बेवरेज रैंकिंग प्लेटफॉर्म टेस्टएटलस की नई सूची में भारतीय मसाला चाय को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ चाय चुना गया है।

लिस्ट में कौन- कौन सी चाय शामिल है

  • मसाला चाय – दुनिया में नंबर-1
  • दार्जिलिंग चाय – 6वां स्थान
  • असम चाय – 13वां स्थान
  • सुलेमानी चाय (केरल) – 39वां स्थान
  • कांगड़ा चाय (हिमाचल) – 41वां स्थान
  • नून चाय (कश्मीर) – 43वां स्थान
  • इसके अलावा भारत के दो मशहूर चाय बागानों मकईबाड़ी टी एस्टेट और हलमारी टी एस्टेट को भी वैश्विक पहचान मिली है।

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मसाला चाय आखिर इतनी खास क्यों?

मसाला चाय की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह उसका स्वाद और विविधता है। इसे चायपत्ती, दूध और अलग-अलग मसालों के मिश्रण से तैयार किया जाता है। अदरक, इलायची, दालचीनी, लौंग और काली मिर्च जैसे मसाले इसके स्वाद को खास बनाते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि मसाला चाय की कोई एक तय रेसिपी नहीं होती। हर घर, हर शहर और हर चायवाले का अपना अलग अंदाज होता है। कहीं कड़क अदरक वाली चाय पसंद की जाती है, तो कहीं हल्की और खुशबूदार मसाला चाय। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसकी जड़ें आयुर्वेदिक परंपरा से जुड़ी हैं, जहां मसालों से बने पेय को ऊर्जा और सेहत के लिए उपयोग किया जाता था। समय के साथ यह स्वाद दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया।

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भारत में चाय सिर्फ ड्रिंक नहीं, एक संस्कृति है

भारत में चाय का रिश्ता सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है। चलो, चाय पर बात करते हैं जैसे वाक्य बताते हैं कि यह बातचीत, रिश्तों और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। सड़क किनारे चाय की दुकान से लेकर घर की रसोई तक, हर कप के साथ एक अलग कहानी जुड़ी होती है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में चाय का स्वाद भी बदल जाता है। दार्जिलिंग की खुशबूदार चाय, असम की कड़क चाय, केरल की सुलेमानी और कश्मीर की गुलाबी नून चाय भारत की विविध चाय संस्कृति को दर्शाती हैं।

दूसरे और तीसरे स्थान पर कौन रहा?

दुनियाभर में चाय की वैश्विक सूची में जापान की होजिचा चाय दूसरे और श्रीलंका की सीलोन ब्लैक टी को तीसरा स्थान मिला है। जापान की सेंचा और चीन की पु-एर चाय को भी टॉप रैंकिंग मिली, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय मसाला चाय की रही, जिसने दुनिया भर की चायों को पीछे छोड़ दिया। और बता दिया कि चाय की दिवानियत और इसकी अदर बनाने की कला भारत में ही सबसे खास और अलग है। 

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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